इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों के हाथों मारे गए जापानी बंधक केंजी गोतो की पत्नी ने आज कहा कि वह टूट चुकी हैं लेकिन उन्हें अपने पति पर गर्व है। चरमपंथियों ने गोतो का सिर काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
एक ब्रितानी पत्रकार समूह रॉरी पेक ट्रस्ट, रिंको जोगो ने एक बयान जारी करके इस मुश्किल समय में उनके (गोतो की पत्नी के) परिवार की निजता का सम्मान करने का अनुरोध किया है और साथ देने वालों का धन्यवाद दिया है।
गोतो की पत्नी ने कहा, ‘‘मुझे अपने पति पर बेहद गर्व है, जिन्होंने इराक, सोमालिया और सीरिया जैसे युद्धरत इलाकों में लोगों की मुश्किलों की रिपोर्टिंग की’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह उनका जुनून था कि वह हमें युद्ध की त्रासदियों के कारण आम जनता पर पड़ने वाले प्रभावों के बारे में बताएं, खासतौर पर बच्चों के नजरिए से।’’
गोतो बीते अक्तूबर में अपनी सबसे छोटी बेटी के जन्म के कुछ ही सप्ताह बाद सीरिया चले गए थे। कुछ ही समय बाद आतंकियों ने उन्हें पकड़ लिया था।
कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट समूह द्वारा की गई गोतो की हत्या को दर्शाने वाला वीडियो जारी होने के बाद गोतो की मौत से दुखी एवं भयभीत जापान ने हवाईअड्डों के साथ-साथ विदेशों में दूतावास जैसे जापानी प्रतिष्ठानों एवं स्कूलों में सुरक्षा कड़ी करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकार ने और अधिक अपहरणों एवं अन्य खतरों को देखते हुए संघर्ष वाले क्षेत्रों के आसपास तैनात सभी पत्रकारों और अन्य लोगों से भी हटने की अपील की है। अभी तक जापान आतंकियों के खिलाफ युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं हुआ था।
आज संसद में हुई बहस में, विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री शिंजो एबे के उस प्रयास को चुनौती दी, जिसके जरिए एबे इस्लामिक स्टेट समूह से लड़ने वाले देशों के लिए असैन्य सहयोग के जरिए जापान के कूटनीतिक कद को बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं। इस्लामिक स्टेट सीरिया और इराक दोनों के लगभग एक तिहाई हिस्से पर अपना नियंत्रण रखता है।
एबे ने कहा, ‘‘आतंकवादी अपराधी हैं। हम उन्हें पकड़ने और जिम्मेदार ठहराने के लिए संकल्पबद्ध हैं।’’ एबे ने कहा कि जापान इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों से लड़ रहे देशों को मानवीय मदद उपलब्ध करवाना जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जापान आतंकियों की धमकियों के आगे झुक गया तो क्षेत्र में स्थिरता की बहाली में मदद करने के लिए जरूरी चिकित्सकीय और अन्य मदद उपलब्ध नहीं करवा पाएगा।
