अमेरिका के सैन्य अधिकारी ने कहा है कि इस्लामिक स्टेट के आतंकी इस जिहादी समूह के इराकी गढ़ मोसुल में ‘कमजोर’ पड़ रहे हैं और इस शहर को वापस नियंत्रण में लेने की लड़ाई के बीच वे अपने बीच व्याप्त हताशा के संकेत दे रहे हैं। अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रशिक्षकों एवं वायु शक्ति से सहयोग प्राप्त कुर्द बल और इराकी बल कई महीनों से मोसुल की ओर बढ़ रहे हैं। यह इराक का दूसरा शहर है और यहां 20 लाख लोग रहते हैं। इस्लामिक स्टेट समूह ने जून 2014 से इस पर कब्जा किया हुआ है।

गठबंधन के प्रवक्ता कर्नल क्रिस गेरवर ने कहा, ‘हमने उन्हें मोसुल के भीतर कमजोर पड़ते देखा है। हमें उनका मनोबल कम होने के कई संकेत मिल रहे हैं।’ गेरवर ने कहा कि इनमें से एक संकेत यह है कि वरिष्ठ आतंकी अपने से कनिष्ठ आतंकियों की ‘युद्धक्षेत्र में विफल होने पर’ हत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईएस के नेता ‘मोसुल में अपनी स्थिति से खुश नहीं हैं।’ जिहादियों को इस बात की चिंता है कि शहर के निवासी इराकी सुरक्षा बलों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने इंटरनेट सेवा को बाधित करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने कहा कि यही चीज फल्लुजा और रमादी पर वापस कब्जा करने से पहले हुई थी। फिर भी गेरवर ने चेतावनी देते हुए कहा कि आने वाले महीनों में मोसुल के लिए लड़ाई होगी और यह आसान नहीं रहेगी। उन्होंने कहा, ‘हमारा अभी भी मानना है कि मोसुल के अंदर पांच हजार के आसपास आतंकी हैं। हम इसे एक मुश्किल लड़ाई मान रहे हैं।’