इराकी बलों ने फलुजा शहर से रविवार (26 जून) को आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट को पूरी तरह बाहर निकालकर उसपर पूर्ण नियंत्रण कर लिया है। जिहादियों के इस सबसे महत्वपूर्ण नियंत्रण क्षेत्र पर एक महीने लंबे अभियान के बाद कब्जा किया जा सका है। इस्लामिक स्टेट की रक्षा पंक्ति ध्वस्त होने के बाद 17 जून को प्रधानमंत्री हैदर अल-अबादी ने जीत की घोषणा की। घोषणा के बाद खोज अभियान के दौरान इराकी बलों को बहुत ही कम प्रतिरोध झेलना पड़ा।
इस अभियान के दौरान सैकड़ों की संख्या में नागरिक अपनी जान बचाकर वहां से भागे। इसके कारण इराक को सबसे बड़े मानवीय संकट से गुजरना पड़ रहा है। इराक की सेना अब इस्लामिक स्टेट के अंतिम महत्वपूर्ण गढ़ मोसूल पर नियंत्रण करने के लिए हमले की योजना बना रही है। युद्ध का नेतृत्व कर रही आतंकवाद-निरोधक सेवा (सीटीएस) के प्रवक्ता सबा अल-नोमान ने कहा, ‘फलुजा शहर पर अब इराकी बलों का पूर्ण नियंत्रण है।’
सीटीएस के लड़ाकों ने रविवार (26 जून) को फलुजा के पश्चिमोत्तर भाग में स्थित जोलन पर भी नियंत्रण कर लिया। ऐसा माना जा रहा था कि इस्लामिक स्टेट के बचे हुए लड़ाके इसी क्षेत्र में छुपे हुए हैं। आईएस के अरबी नाम का प्रयोग करते हुए अल-नोमान ने कहा, ‘जोलन शहर में दाऐश का अंतिम गढ़ था और फलुजा जब दाऐश आतंकवादियों के खतरे से मुक्त है।’ उन्होंने कहा, ‘सीटीएस को जोलन पर नियंत्रण करने में दो घंटे से ज्यादा का वक्त नहीं लगा। दाऐश ने एक भी गोली नहीं चलाई।’ उन्होंने कहा, ‘यह साबित करता है कि हमारी सेना के यहां पहुंचने से पहले ही दाऐश हार गया था।’
