ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) की वायुसेना ने सीरिया के डेर-अल-जोर में आतंकवादियों के गढ़ों पर मिसाइलें दागी हैं। आईआरजीसी के पब्लिक रिलेशंस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मिसाइल हमला ईरान की राजधानी तेहरान में हुए दोहरे हमलों के जवाब में रविवार को किए गए, ताकि आतंकवादियों को सबक सिखाया जा सके। बयान के मुताबिक, आईआरजीसी की मध्यम दूरी की मिसाइलों को ईरान के पश्चिमी प्रांतों केनमनशाह और कुर्दिस्तान से दागा गया।
रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों में बड़ी संख्या में आतंकवादी मारे गए और हमले में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद नष्ट किए गए। आईआरजीसी ने ईरान पर किसी भी तरह के आतंकवादी हमले का माकूल जवाब देने की प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि सात जून को इस्लामिक स्टेट ने तेहरान पर दो हमले किए थे, जिनमें से एक हमला ईरान की संसद और दूसरा अयातुल्ला खमैनी के मकबरे को निशाना बनाकर किया गया था। इन हमलों में 17 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे। आईआरजीसी के कमांडर ने मंगलवार को कहा था कि तेहरान में सात जून को हुए इन हमलों में सऊदी अरब का हाथ है।
बता दें कि इससे पहले ईरान के खुफिया मंत्रालय ने 8 जून को कहा कि तेहरान में दोहरा आतंकी हमला करने वाले लोग ईरानी नागरिक ही थे जो इराक और सीरिया में आतंकी समूह इस्लामिक स्टेट में शामिल हुए थे और पिछले साल गर्मियों में वापस देश लौटे थे। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘पांच ज्ञात आतंकवादी आतंकी समूह दायेश (आईएस) में शामिल होने के बाद देश छोड़कर चले गए और उन्होंने मोसुल (इराक) एवं रक्का (सीरिया) में इस आतंकी समूह द्वारा अंजाम दिए गए अपराधों में हिस्सा लिया था।’’
बयान में संकेत दिए गए कि कल हुए दोहरे हमले को पांच लोगों ने अंजाम दिया। पहले ऐसी खबरें आयी थीं कि हमले में छह आतंकी शामिल थे। मंत्रालय ने मृत हमलावरों की तस्वीरें एवं नाम सार्वजनिक कीं जिन्होंने कल तेहरान स्थित ईरानी संसद (मजलिस) के परिसर और आयतुल्ला रूहोल्ला खोमैनी के मकबरे पर कल हमला कर 17 लोगों की जान ले ली थी और दर्जनों अन्य को घायल कर दिया था।

