इजरायल ने ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ (Operation Rising Lion) नाम दिया गया है। इजरायल हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर ने तीन नए कमांडर नियुक्त कर दिए हैं। ईरानी सेना के नए चीफ ऑफ स्टाफ जनरल सैयद अब्दुल रहीम मुसावी नियुक्त किए गए हैं। मुसावी जनरल मोहम्मद बाघेरी की जगह लेंगे, जिनकी इजरायली हमले में मौत हो गई। वहीं मेजर जनरल अली शादमानी को खातम अल अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर का नया कमांडर नियुक्त किया गया है। जनरल अली इजरायली हमले में मारे गए जनरल गुलाम अली राशिद की जगह लेंगे। इजरायली हमले में जनरल हुसैन सलामी की भी मौत हुई है और उनकी जगह पर जनरल मोहम्मद पाकपुर को नए कमांडर इन चीफ की जगह नियुक्त किया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि इजरायल के पास खतरनाक हथियार हैं और ईरान के पास अब भी डील का मौका है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल ने इस्लामिक शासन के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर हमला किया है। इसके बाद तेहरान में एयरस्पेस को बंद कर दिया गया। ईरान सरकार ने देशभर में इमरजेंसी लागू कर दी है। ऐसा माना जा रहा है कि इजरायल के हमले में ईरान को बड़ा नुकसान हुआ है। इस बीच, ईरान और इजराइल में भारतीय दूतावासों ने देश में अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसमें उन्हें गैरजरूरी यात्रा करने से बचने के लिए कहा गया है।
ईरान ने क्या कहा: समाचार न्यूज एजेंसी एपी ने बताया कि ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि इजरायली हमले के बाद ईरान के पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड के चीफ के मारे जाने की आशंका है। ईरानी आर्म्ड फोर्स के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अबोलफजल शेखरची ने दावा किया कि इजरायल ने अमेरिकी समर्थन से हमले किए हैं। उन्होंने सरकारी टीवी से कहा, ‘इजरायल और अमेरिका को इस हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।’
अमेरिका ने जारी किया बयान: अमेरिका के विदेश सचिव ने एक बयान जारी कर कहा, ‘आज रात इजरायल ने ईरान के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की। हम ईरान के खिलाफ हमलों में शामिल नहीं हैं और हमारी पहली प्राथमिकता क्षेत्र में अमेरिकी सेना की रक्षा करना है। इजरायल ने हमें सलाह दी कि उनका मानना है कि यह कार्रवाई उसकी आत्मरक्षा के लिए जरूरी थी। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रशासन ने हमारी सेनाओं की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए हैं और हमारे क्षेत्रीय भागीदारों के साथ निकट संपर्क में बने हुए हैं। मैं स्पष्ट कर दूं ईरान को अमेरिकी हितों या कर्मियों को निशाना नहीं बनाना चाहिए।’
इजरायल ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया है। पल-पल की अपडेट्स के लिए जुड़े रहिये जनसत्ता डॉट कॉम के साथ…
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, शुक्रवार को ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत रातभर ईरान पर किए गए कई हमलों में छह ईरानी परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। इजरायल ने कहा है कि यह हमला ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए किया गया है। इससे पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा था कि उन्होंने ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों पर हमला किया है।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान ने कहा है कि वह रविवार को होने वाली अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता में अगले आदेश तक भाग नहीं लेगा। अमेरिका को कथित तौर पर उम्मीद थी कि इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमले किए जाने के बाद भी ईरान के साथ परमाणु वार्ता जारी रहेगी।
सऊदी अरब ने ईरानी सैन्य और न्यूक्लियर साइट्स पर इजरायल के हमलों की कड़ी निंदा की। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “सऊदी अरब, इस्लामी गणतंत्र ईरान के खिलाफ इजरायल के जबरदस्त आक्रमण की कड़ी निंदा करता है, जो इसकी संप्रभुता और सुरक्षा को कमजोर करता है और अंतर्राष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों का स्पष्ट उल्लंघन है।”
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि देश पर रात भर किए गए हमलों के लिए इजरायल को कड़ी सजा भुगतनी पड़ेगी। उन्होंने यह टिप्पणी शुक्रवार को इजरायल के हमले के बाद की। एपी की रिपोर्ट के अनुसार खामेनेई ने कहा, “इजराइल ने हमारे प्यारे देश में अपराध के लिए अपना दुष्ट और खून से सना हाथ खोल दिया है व आवासीय केंद्रों पर हमला करके अपनी दुर्भावनापूर्ण प्रकृति को पहले से कहीं अधिक उजागर कर दिया है।”
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य पर इजरायल के बड़े पैमाने पर हमले के बावजूद, अमेरिका अभी भी रविवार को ईरान के साथ वार्ता करने की योजना बना रहा है। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर एएफपी को बताया, “हम रविवार को भी बातचीत करने का इरादा रखते हैं।”
रक्षा सूत्रों ने शुक्रवार सुबह द जेरूसलम पोस्ट को बताया कि आने वाले दिनों में ईरान पर इजराइली हमले जारी रहने की उम्मीद है।
आईडीएफ ने कहा कि हम अब पुष्टि कर सकते हैं कि ईरानी आर्म्ड फोर्स के चीफ ऑफ स्टाफ, आईआरजीसी के कमांडर और ईरान के आपातकालीन कमान के कमांडर, सभी 200 से अधिक लड़ाकू विमानों द्वारा ईरान भर में किए गए इजरायली हमलों में मारे गए।
आईडीएफ ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “ये तीन क्रूर सामूहिक हत्यारे हैं जिनके हाथ अंतरराष्ट्रीय समुदाय के खून से रंगे हैं। उनके बिना दुनिया एक बेहतर जगह है।”
हम ईरान और इजरायल के बीच हाल ही में हुए घटनाक्रमों से बहुत चिंतित हैं। हम परमाणु स्थलों पर हमलों से संबंधित रिपोर्टों सहित उभरती स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। भारत दोनों पक्षों से किसी भी तरह के आक्रामक कदम से बचने का आग्रह करता है। स्थिति को कम करने और अंतर्निहित मुद्दों को हल करने के लिए बातचीत और कूटनीति के मौजूदा चैनलों का उपयोग किया जाना चाहिए।
ओमान ने ईरान पर रात में किए गए हमलों के बाद मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ने के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
तेल अवीव स्थित चीन के दूतावास ने शुक्रवार को इजरायल के नागरिकों को सतर्क रहने व सावधानी बरतने की चेतावनी दी। दूतावास ने वीचैट पर कहा, “इजराइल स्थित चीनी दूतावास देश में रह रहे चीनी नागरिकों को दृढ़तापूर्वक याद दिलाता है कि वे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रखें, शांत रहें और अत्यधिक सतर्क रहें।”
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को ईरान पर इजराइली हमलों को “बहुत सफल” बताया व इसे इस्लामी गणराज्य के खिलाफ सैन्य अभियान का शुरुआती फेज बताया। नेतन्याहू ने एक वीडियो मैसेज में कहा, ‘हमने बहुत सफल शुरुआती हमला किया और ईश्वर की मदद से हम और भी बहुत कुछ हासिल करेंगे।’ उन्होंने पहले संकेत दिया था कि हमला “कई दिनों तक” जारी रहेगा।
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने ईरान पर इजरायल के हमलों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से चिंतित है। इससे पहले से ही अस्थिर क्षेत्र में और अस्थिरता पैदा होने का खतरा है। हम सभी पक्षों से ऐसे कार्यों और बयानबाजी से बचने का आह्वान करते हैं जिससे तनाव और बढ़ेगा। हम सभी समझते हैं कि ईरान का परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है, और हम पक्षों से वार्ता और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं।
शुक्रवार को ईरान में आपातकालीन स्थिति के कारण एयर इंडिया की कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स को डायवर्ट कर दिया गया क्योंकि एयरलाइन ने एडवाइजरी जारी की थी। इन उड़ानों में अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा से आने-जाने वाली उड़ानें शामिल थीं जिन्हें या तो डायवर्ट किया गया या वापस अपने मूल स्थान पर भेजा गया।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने देश पर इजरायली हमलों में शुक्रवार को अपने प्रमुख हुसैन सलामी की हत्या के बाद बदला लेने की कसम खाई। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने सरकारी टीवी पर दिए गए एक बयान में कहा, “हमले का जवाब नहीं दिया जाएगा और (इज़राइल को) कठोर और खेदजनक बदला लेना होगा।”
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान में इजरायली हमलों में कम से कम दो परमाणु वैज्ञानिक, फेरेयदून अब्बासी और मोहम्मद मेहदी तेहरांची की मौत हो गई। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर, जिसके शीर्ष कमांडर हुसैन सलामी हमलों में मारे गए, के अनुसार, तेहरान के एक आवासीय क्षेत्र में इजरायल के रात्रीकालीन हमले में कई बच्चे भी पीड़ित हुए।
ईरान के खिलाफ ऑपरेशन राइजिंग लॉयन पर IDF प्रवक्ता BG एफी डेफ्रिन ने कहा, “सालों से, ईरानी शासन ने इजरायल राज्य के विनाश का आह्वान किया है, इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सक्रिय रूप से ठोस सैन्य अभियानों की योजना बनाई और आगे बढ़ाया है। हाल के महीनों में, खुफिया जानकारी से संकेत मिला है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने के पहले से कहीं ज्यादा करीब है। आज सुबह, IDF ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लक्षित करते हुए पूर्वव्यापी और सटीक हमले किए, जिसका उद्देश्य निकट भविष्य में शासन की परमाणु बम विकसित करने की क्षमता को रोकना है। हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। हम ईरानी शासन को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दे सकते, जो न केवल इजरायल के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है। यह ऑपरेशन हमारे यहां रहने के अधिकार, हमारे भविष्य और हमारे बच्चों के भविष्य के बारे में है।”
इजरायली सैन्य प्रमुख इयाल जमीर ने कहा कि हजारों सैनिकों को बुलाया गया है और सभी सीमाओं पर तैयार रखा गया है। उन्होंने कहा, “हम एक ऐसे ऐतिहासिक अभियान में शामिल हैं जो पहले कभी नहीं हुआ। यह एक महत्वपूर्ण अभियान है, जिसका उद्देश्य एक ऐसे दुश्मन द्वारा हमारे अस्तित्व को खतरे में डालना है, जो हमें नष्ट करने पर आमादा है।”
रॉयटर्स के अनुसार, शुक्रवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के दूतों के रविवार को छठे दौर की वार्ता के लिए मिलने की उम्मीद है। फॉक्स न्यूज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “ईरान को परमाणु बम नहीं मिलना चाहिए और नए सिरे से बातचीत की उम्मीद है।”
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता ने गुरुवार देर रात एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने इजरायल के हवाई हमलों के बाद इजरायल और ईरान से संयम दिखाने का आग्रह किया है।
