चीन ने आज भारतीय सैनिकों पर 15 अगस्त को लद्दाख की पंगोंग झील में एक गतिरोध के दौरान उसके सैनिकों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई का आरोप लगाया और भारत के समक्ष विरोध दर्ज कराया। इस दौरान झड़प और पथराव की घटनाएं हुई थीं। दरअसल, भारतीय सीमा प्रहरियों ने लद्दाख में भारतीय क्षेत्र में घुसने की चीनी सैनिकों की कोशिश नाकाम कर दी थी, जिसके चलते पथराव हुआ था और इस वजह से दोनों ओर के सैनिकों को मामूली चोट आई थी। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने दावा किया कि यह घटना उस वक्त हुई जब चीनी सैनिक 15 अगस्त को झील इलाके के आस पास वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपने क्षेत्र में सामान्य गश्त कर रहे थे।

उन्होंने दावा किया, ‘‘इस दौरान, भारतीय सैनिकों ने कुछ हिंसक कार्रवाई की और चीनी सैनिकों को घायल कर दिया।’’ भारत ने कहा कि दोनों देशों के स्थानीय सैन्य कमांडरों ने घटना पर चर्चा की। हुआ ने कहा, ‘‘चीन ने गहरा असंतोष जाहिर किया है और भारत से सख्त ऐतराज जताया है। ’’ पंगोंग झील में यह घटना सिक्किम सेक्शन के डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गतिरोध के बीच हुई। यह गतिरोध तीसरे महीने भी जारी है।

चीन का आरोप है कि भारतीय सैनिक डोकलाम में चीनी क्षेत्र में अवैध रूप से घुस गए और उन्हें बिनाशर्त गतिरोध खत्म करना चाहिए।गौरतलब है कि पिछले हफ्ते भारत ने कहा था कि डोकलाम गतिरोध का एक परस्पर स्वीकार्य हल ढूंढने के लिए वह चीन से बातचीत जारी रखेगा लेकिन इस बात का भी जिक्र किया कि लद्दाख जैसी घटनाएं दोनों देशों में किसी के हित में नहीं है।