बॉब डायलन ने साहित्य के लिए उन्हें दिया गया नोबेल पुरस्कार अंतत: स्वीकार कर लिया और इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि इस पुरस्कार की घोषणा ने उन्हें ‘अवाक’ कर दिया है। अमेरिकी गायक-गीतकार डायलन ने 13 अक्तूबर को उन्हें पुरस्कार दिए जाने की घोषणा के करीब एक पखवाड़े बाद इस सप्ताह अकादमी से फोन पर की गई बातचीत में कहा, ‘क्या मैं पुरस्कार स्वीकार करता हूं? निस्संदेह मैं करता हूं।’ डायलन ने अकादमी की स्थायी सचिव सारा डैनियस से कहा, ‘नोबेल पुरस्कार की खबर को सुनकर मैं अवाक रह गया था। मैं इस पुरस्कार का बहुत सम्मान करता हूं।’
पुरस्कार की घोषणा के बाद अकादमी द्वारा बार बार किए गए फोन कॉल का डायलन ने कोई जवाब नहीं दिया था और न ही उन्होंने कोई सार्वजनिक बयान दिया था जिसके बाद अकादमी के एक सदस्य ने उन्हें ‘अशिष्ट एवं अभिमानी’ करार दिया था। अकादमी ने शुक्रवार (28 अक्टूबर) को कहा कि इस बात पर अभी फैसला नहीं किया गया है कि डायलन इस पुरस्कार को ग्रहण करने के लिए स्टॉकहोम जाएंगे या नहीं। आम तौर पर स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ नोबेल पुरस्कार के लिए चयनिते सभी विजेताओं को 10 दिसंबर को पुरस्कार एवं चैक प्रदान करते हैं।
ब्रिटेन के ‘डेली टेलीग्राफ’ समाचार पत्र में शुक्रवार (28 अक्टूबर) देर रात प्रकाशित एक साक्षात्कार में बताया गया है कि जब डायलन से पूछा गया कि वह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, उन्होंने कहा, ‘निस्संदेह। यदि यह संभव हो पाया।’ डायलन ने समाचार पत्र से कहा कि यह पुरस्कार मिलना ‘अद्भुत, अविश्वसनीय’ है और ‘इस पर भरोसा करना मुश्किल है।’ उन्होंने कहा, ‘इसे हासिल करने का सपना कौन नहीं देखता?’ डायलन के गीतों के बोल ने प्रशंसकों की कई पीढ़ियों को प्रभावित किया है। वह साहित्य पुरस्कार पाने वाले पहले गीतकार हैं।
