कहते हैं कि कुदरत हर चीज अपने हिसाब से तय करती है। पांच महीने का उमर इस दुनिया में आने के बाद और बच्चों से कुछ अलग था। उसने अपनी मां के आगोश में रहकर भी कभी उसका दूध नहीं पिया। उसके पिता का कहना है कि तब उसकी ये आदत अजीब लगती थी, लेकिन अब लगता है कि कुदरत उसे तैयार कर रही थी।

गाजा के अस्पताल में मोहम्मद अल-हदीदी अपने पांच माह के बच्चे को सीने से लगाए उस मंजर को याद करके फफक फफक कर रो रहा है, जिसमें शनिवार को उसकी पत्नी और चार बच्चे खुदा को प्यारे हो गए। बचा तो केवल पांच माह का उमर। 37 साल के हदीदी का कहना है कि मिसाइल हमले के बाद जब उसने पत्नी और बच्चों को तलाश किया तो उमर अपनी मां के आगोश में था। मां की सांसें रुक चुकी थीं। अलबत्ता उमर अपनी मां की बांहों में सही सलामत था।

हवाई हमले में उसका एक पैर तीन जगह से टूट गया। फिलहाल उसके पैर पर प्लास्टर बांधा गया है। उसे नहीं पता कि आसमान से कया कयामत उसके परिवार पर गिरी थी। पिता के अलावा बाकी सभी उसे छोड़कर चले गए। मोहम्मद अपने बच्चे को दुलार करते कहता है उमर की मां और दूसरे बच्चे भगवान को तलाशने गए हैं। सुबकते हुए उसकी आवाज सुनाई देती है कि वो भी अब दुनिया में रहना नहीं चाहता। जल्दी वो उमर के साथ उसे मिलने जाएगा।

सूत्रों के मुताबिक हदीदी की पत्नी अबु हत्तब अपने पांचों बच्चों सुहाब, याहया, अब्देरहमान, ओसामा और उमर को लेकर अपने भाई के पास गई थी। शनिवार को ईद-उल फितर का आखिरी रोजा था। मुस्लिम परिवार अपने करीबी लोगों के साथ रमजान के खत्म होने पर हर्ष उल्लास के साथ तैयारियां कर रहे थे। उसकी पत्नी सारे बच्चों को लेकर अपने भाई के पास गई थी। वो गाजा के बाहर बने रिफ्यूजी कैंप में रहता था। सारे बच्चे सज संवरकर ईद मनाने घर से निकले थे।

रात में उन्हें वापस अपने घर लौटना था। लेकिन भाई के जौर देने पर वो सब वहीं रुक गए। उन्हें नहीं पता था कि वो रात कयामत की है। रात में इजरायल की मिसाइल रिफ्यूजी कैंप पर गिरी, जिसमें मोहम्मद का पूरा परिवार तबाह हो गया। उसे पड़ोस के लोगों ने बताया कि उसके साले के घर पर धमाका हुआ है। वो जैसे तैसे भागकर वहां पहुंचा तो सब कुछ खत्म हो चुका था। पांच माह का उमर ही बचा था।

इजरायल के इस हवाई हमले में पिछले सोमवार से अब तक लगभग दो सौ लोग मारे जा चुके हैं। इनमें 59 बच्चे भी शामिल हैं। मानव अधिकार संस्थाएं इसे लेकर अपना विरोध जता रही हैं। वहीं इजरायल का कहना है कि उसने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया है। उसका यह भी कहना है कि फिलिस्तीन के हमले में उसके 10 लोग मारे गए। हदीदी का कहना है कि इजरायल बच्चों को निशाना बनाकर मिसाइलें दाग रहा है। हमले लगातार जारी हैं। हदीदी के मुताबिक, उमर ठीक हो जाए तो वो उसे घर लेकर जाना चाहता है। उसका सपना अब उमर है। वो उसकी परवरिश करना चाहता है।