थायराइड को साइलेंट किलर कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसके लक्षण धीरे-धारे सामने आते हैं। हमारे भोजन को ऊर्जा में बदलने के लिए थायराइड हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके अलावा थायराइड ग्रंथि में बनने वाले हार्मोन थाइरॉक्सिन का इस्तेमाल प्रोटीन उत्पादन, ऊर्जा क्षय तथा अन्य हार्मोन्स के प्रति संवेदनशीलता को नियंत्रित करने में किया जाता है। थायराइड ग्रंथि जब ठीक से काम नहीं करती तब स्थिति गंभीर हो जाती है। पहले तो इसके लक्षणों का पता नहीं चलता और जब पता चलता है तब यह काफी गंभीर स्थिति में पहुंच चुका होता है। थायराइड के लक्षणों में वजन कम होना, जल्दी थकान होना, शरीर सुस्त रहना, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और डिप्रेशन शामिल हैं। इन लक्षणों के दिखते ही आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की जरूरत है।
अपने खानपान और जीवनशैली में सुधार लाकर थायराइड की समस्या होने से रोका जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बताने वाले हैं जिनको अगर आप अपनी नियमित डाइट में शामिल करें तो आपको थायराइड की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। आइए, जानते हैं कि वे फूड्स कौन-से हैं।
मशरूम – थाइराइड के मरीजों के लिए मशरूम अच्छे आहारों में से एक है। इसमें सेलेनियम की मात्रा अधिक होती है, जो थाइरॉयड को कंट्रोल करने का काम करता है।
साबुत अनाज – आटे की तुलना में साबुत अनाज में ज्यादा मात्रा में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और फाइबर होता है। अनाज खाने से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढती है। पुराना भूरा चावल, जई, जौ, ब्रेड, पास्ता और पापकॉर्न खाना चाहिए।
नट्स – वैसे तो नट्स का सेवन सभी के लिए फायदेमंद है। लेकिन थाइराइड के मरीजों को नट्स अपनी डाइट में खासतौर से शामिल करने चाहिए। नट्स थाइराइड से होने वाले हार्ट अटैक के रिस्क को बहुत कम करता है। बादाम और अखरोट इस बीमारी के लिए अच्छे आहार हैं।
अंडे – जो लोग थाइराइड के शिकार हैं उन्हें अपनी डाइट में अंडे जरूर शामिल करने चाहिए। इसमें सेलेनियम पाया जाता है, जो मरीजों को काफी आराम पहुंचाता है। साथ ही अंडों से कमजोरी भी दूर होती है।
दही – थाइराइड के रोगियों के लिए दही सबसे बेहतर आहार माना जाता है। दही खाने से शरीर में इम्यूनिटी लेवल बढ़ता है। जिससे थाइरॉयड कंट्रोल में रहता है और काफी हद तक सही भी होता है।
