वैसे तो अधिकतर लोगों को मानना है कि देसी घी वनस्पति घी से ज्यादा फायदेमंद होता है और यह हर घर में इस्तेमाल किया जाता है। कई लोग घर में कई चीजे वनस्पति घी से ही बनाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं वनस्पति आपके लिए ज्यादा फायदेमंद होता है या देसी घी और क्यों। शायद ही आपको पता होगा कि किस वजह से देसी या वनस्पति घी शरीर के लिए फायदमेंद होता है। वनस्पति घी आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। बता दें कि देसी घी में सैचुरेटेड फैट और हाई कॉलेस्ट्रॉल होता है जबकि वनस्पति घी में ट्रांस फैट होता है जिसका शरीर पर ज्यादा बुरा असर पड़ता है।
दिल की बीमारियों का खतरा- सैचुरेटेड फैट की तुलना में ट्रांस फैट से दिल की बीमारियों का खतरा अधिक होता है। सैचुरेटेड फैट कॉलेस्ट्रॉल का कुल स्तर बढ़ाता है, जबकि वनस्पति घी कॉलेस्ट्रॉल का कुल स्तर बढ़ाने के साथ-साथ गुड कॉलेस्ट्रॉल लेवल को भी कम करता है।
मोटापा बढ़ाता है- ट्रांस फैट से मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। दोनों में उतनी ही कैलोरी होने के बावजूद, ट्रांस फैट आपको दूसरे फूड्स के मुकाबले ज़्यादा मोटा करता है। इसकी वजह से कमर और पेट के आसपास अधिक फैट बढ़ता है।
डायबिटीज का खतरा- पशुओं से बनने वाले उत्पादों के ट्रांस फैट में डायबिटीज़ का जोखिम बढ़ जाता है। ये फैट इंसुलिन प्रतिरोधन को बढ़ावा देते हैं और टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा पैदा करते हैं। बता दें कि कैलोरी के मामले में वनस्पति घी, देसी घी से आगे है। एक चम्मच वनस्पति घी में 122.4 कैलोरी होती है और इतनी मात्रा के देसी घी में 85.6 कैलोरी होती है। अगर एक्सपर्ट की मानें तो देसी घी खाना ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है और यह वनस्पति घी से बेहतर है।

