Thyroid Symptoms in Women: आज के समय में थायरॉइड की बीमारी बहुत ही आम बन चुकी है। लापरवाह जीवन-शैली और अनहेल्दी खानपान के कारण कई लोग इस बीमारी से पीड़ित हो रहे हैं। हालांकि, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ये बीमारी अधिक देखने को मिलती है। थायरॉइड ग्लैंड गर्दन में एडम्स ऐप्पल के पास होती है, जिसका आकार तितली के सामान होता है। इस ग्लैंड से थायरॉक्सिन नामक हार्मोन का स्राव होता है जो शरीर की एक्टिविटीज को सुचारू रूप से चलाने में मदद करती है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति में थायरॉइड ग्लैंड ज्यादा या कम मात्रा में ये हार्मोन पैदा करने लगता है तो उस स्थिति को थायरॉइड कहते हैं। इस बीमारी के अधिकतर मामलों में शुरुआती लक्षणों को मरीज नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं थायरॉइड के मरीजों के शरीर में कैसे बदलाव आते हैं-

अनियमित पीरियड्स: आज के लाइफस्टाइल में पीरियड्स में अनियमतता बहुत ही आम बात हो गई है। तनाव के कारण पीरियड्स कभी पहले या देर से आ जाते हैं। हालांकि, अगर आपको बार-बार पीरियड्स देर से अनियमित रूप से होते हैं तो इसे हल्के में लेने की भूल कतई न करें। पीरियड्स का इर्रेगुलर होना थायरॉइड के शुरुआती लक्षणों में से एक है। इस बीमारी में मासिक दर्म का इंटरवल 28 दिनों से ज्यादा का हो जाता है जिससे माहवारी आने में अधिक समय लगता है।

अचानक वजन बढ़ना: थायरॉइड बीमारी के मरीजों का मेटाबॉलिज्म दूसरों की तुलना में कमजोर होती है। इससे मरीजों का वजन बहुत जल्दी बढ़ने लगता है। बता दें कमजोर मेटाबॉलिज्म होने की वजह से मरीज जो भी भोजन के रूप में खाते हैं वो पूरी तरह एनर्जी में नहीं बदल पाता और वसा यानि कि फैट के रूप में शरीर पर जमा होने लगता है।

मौसम में बदलाव से हो जाते हैं परेशान: अगर आप ज्यादा गर्मी या ठंड बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं तो एक बार थायरॉइड से रिलेटेड जांच जरूर करवाना चाहिए। इस बीमारी का एक लक्षण ये भी है कि इससे पीड़ित मरीजों को मौसम में बदलाव होने पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हाईपो थॉयरायडिज्म के मरीजों को न तो ज्यादा ठंड बर्दाश्त होती है और न ही अधिक गर्मी

थकान: थायरॉइड के मरीज दूसरों के मुकाबले ज्यादा जल्दी थक जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जब थायरॉक्सिन हार्मोन खाने को एनर्जी में कंवर्ट नहीं कर पाता है तो शरीर में थकावट और कमजोरी आने लगती है। ऐसे में अगर आपको भी बार सुस्ती छाई रहती है या फिर शरीर में कमजोरी महसूस होने पर डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

डिप्रेशन: इस बीमारी के कुछ मरीजों में डिप्रेशन, तनाव. घबराहट जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। इसके अलावा, आम दिनचर्या से जुड़ी कई बातें भी ये मरीज भूलने लगते हैं। वहीं, कई बार इनमें भ्रम यानि कि कन्फ्यूजन की स्थिति भी पैदा हो जाती है।