स्वस्थ शरीर के लिए पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी माना गया है। यूएसए में किए गये एक रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अगर हम प्रतिदिन आवश्यक नींद नहीं लेते हैं तो हमारा मानसिक स्वस्थ्य बिगड़ता है। साथ ही साथ शरीर में चर्बी भी बढ़ती है। वहीं पर्याप्त नींद लेने से हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। साथ ही डायबिटीज-2 और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक नींद की कमी इस प्रकार शरीर को नुकसान पहुंचाता है कि उच्च वसा वाले भोजन करने के बाद भी सेहत अस्वस्थ रहता है। जर्नल ऑफ लिपिड रिसर्च में हाल ही में प्रकाशित अध्ययन में पता चला है कि रात में 5 घंटे की नींद भी शरीर को नुकसान पहुंचता है। खासतौर पर पोस्टपेंडियल लिप्मिया या ट्राइग्लिसराइड को प्रभावित करता है।
रिसर्च में यह पाया गया
पेन स्टेट के एक प्रोफेसर ओरफू बक्सटन ने कहा कि काम से उत्पन्न तनाव न केवल नींद को प्रभावित करता है बल्कि नींद की कमी हमारे काम को और भी अधिक तनावपूर्ण बना देती है। इसके साथ ही बॉल स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया कि अमेरिका में एक तिहाई काम करने वाले सात घंटे या उससे कम की नींद लेने से उनकी कार्यक्षमता साल दर साल खराब हो रही है।
स्वास्थ्य विज्ञान के प्रोफेसर जगदीश खुबचंदानी की टीम ने 2010 से 2018 तक 150,000 कामकाजी अमेरिकी लोगों पर रिसर्च किया। उन्होंने पाया कि 2010 में उन्हें लगभग 31 प्रतिशत पर्याप्त नींद नहीं मिल रही थी, लेकिन अगले 8 वर्षों में यह लगभग 36 प्रतिशत तक बढ़ गई। रिसर्च के परिणाम महिलाओं और पुरुषों के लिए समान थे।
डॉ. खुबचंदानी ने शोध के साथ एक बयान में कहा, “यह एक महत्वपूर्ण खोज है क्योंकि यू.एस. वर्तमान में हर उम्र के लोगों के बीच पुरानी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। जिसमें नींद की समस्या प्रमुख है। खुबचंदानी ने कहा कि 7 घंटे से कम की नींद न केवल गंभीर शारीरिक और मानसिक क्षति पहुंचता है बल्कि प्रजनन क्षमता, समय से पहले मौत का भी कारण है।
