सर्दी का मौसम आने वाला है और सर्दी की दस्तक के साथ आपको कई तरह की छोटी-मोटी बीमारियां भी पकड़ सकती है, जिसमें जुकाम-सर्दी होना आम है। कई लोग जुकाम-सर्दी से टीक होने के लिए गर्म पानी की भाप लेते हैं, जो कि उनकी हेल्थ के लिए फायदेमंद भी होती है। भाप से सिर्फ जुकाम-सर्दी ही ठीक नहीं होती बल्कि ये आपकी स्किन को भी बहुत से फायदे पहुंचाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं भाप लेने का सही तरीका क्या है, क्योंकि अगर आप इसे गलत तरीके से लेंगे तो यह फायदे की जगह आपको दिक्कत भी दे सकती है।
भाप लेने के फायदे- गर्म भाप लेना एक चिकित्सीय तरीका है और इससे नाक और गले के माध्यम से फेफड़ों तक गर्म हवा पहुंचती है, जिससे काफी राहत मिलती है। गर्म भाप से आपकी बंद नाक खुलती है और आपको आसानी से सांस लेने को मिलती है। गर्म भाप लेने से आपके शरीर का तापमान बढ़ता है जिससे ब्लड वेसल यानि रक्त धमनी का विस्तार हो जाता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है, स्किन के छिद्र खुलते हैं और आपकी रंगत लौट आती है। इतना ही नहीं तापमान के बढ़ने पर आपका इम्यून सिस्टम बढ़ता है। इससे बैक्टीरिया और कीटाणुओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाले मजबूत प्रतिरोधक डब्ल्यूबीसी का भी उत्पादन बढ़ जाता है। गर्म भाप से ऊपरी श्वसन तंत्र की बीमारियों को सही किया जा सकता है। पानी में हर्बल और तेल डालकर भाप लेने से सांस की समस्याएं को जल्द ही खत्म किया जा सकता है।
भाप लेने का सही तरीका- आप बीमारी के अनुसार एक बड़े कटोरे में पर्याप्त मात्रा में पानी लें और उसमें हर्बल और जरूरत के हिसाब से तेल मिला लें और सिर को किसी हल्के तौलिये से ढक लें और कटोरे से लगभग 30 सेंटीमीटर की दूरी पर बैठें। इस दौरान ध्यान रहे कि पानी का कटोरा और सिर उस तौलिये से अच्छी तरह ढका रहे। उसके बाद एक या दो मिनट तक नाक से सांस लें। उसके बाद एक ब्रेक लें और दोबारा इस क्रिया को करें। आपको बता दें कि कभी भी 10 मिनट से ज्यादा तक यह ना करें और पानी के ज्यादा पास ना जाएं और अगर आपको भाप लेने में असुविधा या जलन हो रही है तो तुरंत तौलिया हटा लें। वहीं अगर आपको ठीक लग रहा है तो जबरदस्ती या मजे के लिए भाप ना लें, जब आपको दिक्कत हो तो भाप लें। बच्चें, गर्भवती महिलाएं या अस्थमा के रोगी भाप लेते समय ज्यादा सावधानी बरतें।

