प्याज और लहसुन का इस्तेमाल लगभग हर घरों में किया जाता है। ये स्वाद में अच्छा होने के साथ-साथ अनेक प्रकार के रोगों के इलाज में भी अहम महत्त्व रखते हैं। लहसुन और प्याज एलियम जीनस का हिस्सा है, जिसकी सैकड़ों प्रजातियां हैं। एक रिसर्च के मुताबिक डायबिटीज, हार्ट और कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए प्याज और लहसुन सक्षम हैं। साथ ही कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि प्याज और लहसुन कोलोरेक्टल, पेट, और प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करता है।
कुल मिलाकर रिसर्च में यह पता लगाया गया कि सब्जियों में लहसुन और प्याज का इस्तेमाल करने से कैंसर का खतरा कम होता है। गौरी देसाई की अगुवाई में यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क के शोधकर्ताओं द्वारा ब्रेस्ट कैंसर पर रिसर्च किया गया जिसमें पाया गया कि लहसुन और प्याज के इस्तेमाल करने वालों में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा न के बराबर होता है।
प्याज और लहसुन के इस्तेमाल से कैंसर का खतरा कम क्यों होता है?
अध्ययनकर्ता जो फ्रायडेनहाइम के मुताबिक प्यूर्टो रिको में ब्रेस्ट कैंसर पर बहुत कम रिसर्च किए गए हैं। जब ब्रेस्ट कैंसर पर शोध किया गया तो यह यह पाया गया कि अमेरिका के बाकी हिस्सों की तुलना में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा क्यों बढ़ रहा है। शोधकर्ताओं को संदेह है कि प्याज से लहसुन में प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला फ्लेवोनोल्स और ऑर्गेनोसल्फर एंटीकैंसर प्रभाव के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं।
कुछ अन्य रिसर्च में के मुताबिक रिसर्च छोटे स्तर पर उन लोगों के बीच किया गया जो कभी भी प्याज और लहसुन का सेवन नहीं किए थे। रिसर्च में ये बातें सामने आयीं कि लहसुन और प्याज के सेवन और कैंसर से संबंध का पता लगाया जा सकता है। हालांकि प्याज और लहसुन के इस्तेमाल से बहुत हद तक ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है।
