हाल ही में हुए एक सर्वे में पता चला है कि यदि किसी व्यक्ति में पसीने, यूरिन या फिर अन्य शारीरिक गंध महसूस करने की क्षमता ज्यादा होती है तो फिर वह व्यक्ति दक्षिणपंथी सोच का हो सकता है। इस रिसर्च में एक हैरान करने वाला खुलासा भी हुआ है, जिसमें पता चला है कि जिन लोगों को शारीरिक गंध जैसे पसीने आदि से नफरत है तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थक भी हो सकते हैं! इस रिसर्च को करने वाले स्टॉकहोम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. जोनास ओलोफसन का कहना है कि ‘हमे लगता है कि सत्तावादी सोच का कनेक्शन किसी भी इंसान के जीन्स से होता है।’ ओलोफसन का मानना है कि इंसानों में घृणा करने की प्रवृत्ति समय के साथ बदल भी सकती है।
पूर्व में हुई रिसर्च में भी पता चला था कि इंसान की घृणा करने की प्रवृत्ति से उसके राजनैतिक रुझान का संबंध होता है। अपनी इस रिसर्च पर डॉ. ओलोफसन ने कहा कि हमारा मानना है कि हम पैथोजन डिटेक्शन सिस्टम की जड़ पर काम कर रहे हैं और पसीने की गंध से नफरत का लक्षण उसकी सबसे अहम कड़ी है। रॉयल सोसायटी ऑपन साइंस में छपे एक लेख के मुताबिक डॉ. ओलोफसन और उनके सहयोगियों ने यह रिसर्च 750 से ज्यादा लोगों पर की है। रिसर्च में प्रतिभागियों से कुछ मुद्दों पर सवाल किए गए। इनमें सामाजिक, नैतिकता, उदारवाद जैसे मुद्दे शामिल थे।
चूंकि यह रिसर्च अमेरिका में की गई इसलिए प्रतिभागियों से 2016 में अमेरिका के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को समर्थन देने संबंधी सवाल किए गए। इन उम्मीदवारों में डोनाल्ड ट्रंप और हिलेरी क्लिंटन भी शामिल थी। रिसर्च में जो सबसे अहम बात निकलकर सामने आयी वो ये है कि जो लोग पसीने या किसी भी तरह की शारीरिक गंध से नफरत करते हैं, वो स्वभाव से दक्षिणपंथी हो सकते हैं।
