हॉस्पिटल में इलाज के बावजूद भी साल भर के अंदर दिल के मरीजों का मृत्यु दर का खतरा बढ़ता जा रहा है। दरअसल एक रिसर्च में यह पाया गया है कि वैसे दिल के मरीज जो अकेले हैं, उन्हें अस्पताल छुट्टी मिलने के बावजूद भी एक साल के अंदर मृत्यु का खतरा बढ़ जाता है। यह रिसर्च जर्नल हार्ट में प्रकाशित किया गया है। कोपेनहेगन के शोधकर्ताओं ने कहा है कि जो हृदय रोग से पीड़ित हैं और अकेले में रहते हैं उनमें मृत्यु दर का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही शोधकर्ताओं का कहना है कि अकेलेपन से पीड़ित व्यक्तियों में कोरोनरी हृदय रोग और मृत्यु का अधिक खतरा होता है।
इस बारे में शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन किया जिसमें रोगियों की हर स्थिति को देखा। इस अध्ययन टीम डेनमार्क के मरीज को शामिल किया गया था। जिसमें 2013 और 2014 के बीच एक साल के अंत में उनके स्वास्थ्य के परिणामों को दर्ज किया गया था। इस अध्ययन में रोगियों की औसत आयु 66 साल थी और अधिकतर व्यक्ति पुरुष थे। शोधकर्ताओं के मुताबिक इसमें कोई आश्चर्य नहीं जो लोग अकले होते हैं उन्हें चिंतित होने का खतरा तीन गुना अधिक बढ़ जाता है। इसके अलावा जो डॉक्टर को अकेलेपन के बारे में बताया था वे एक साल के अंत में इलाज के बावजूद भी मर गए।
अकेलेपन के कारण उनका स्वास्थ्य एयक साल के अंदर खराब होता चला गया। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जो अकेल नहीं थीं उनका मृत्यु दर तीन गुना अधिक बढ़ गया। शोधकर्ताओं के मुताबिक अकेलेपन को अब खराब स्वास्थ्य निर्धारित मानक के रूप में है। रिसर्च की टीम ने अंतिम निष्कर्ष के तौर पर यह पाया कि अकेले रहना कई व्यक्तियों में अकेलापन महसूस करने से जुड़ा नहीं था। हालांकि हालांकि, अकेले रहने वाले को दूसरों के साथ रहने वाले व्यक्तियों की तुलना में चिंता और अवसाद के कम जोखिम से जुड़ा पाया गया।
अकेले रहने वाले पुरुषों के बीच हृदय स्वास्थ्य के 39 प्रतिशत से अधिक जोखिम के साथ जुड़े थे। शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि अकेलापन और साथ ही सामाजिक अलगाव दिल के दौरे और एनजाइना के जोखिम को 29 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है और स्ट्रोक का जोखिम 32 प्रतिशत बढ़ा सकता है। इस अध्ययन के लिए उन्होंने 23 अलग-अलग अध्ययनों को देखा, जिनमें तीन और 21 साल के बीच प्रतिभागियों ने भाग लिया। शोधकर्ता बताते हैं कि महिलाओं के पास परिवार और दोस्तों का एक व्यापक नेटवर्क है और इस तरह अलग होने के कारण, तलाक या विधवा ने उन्हें एक ही स्थिति में पुरुषों के रूप में अकेला होने के नुकसान में नहीं डाला।
बीएचएफ़ के सीनियर कार्डिएक नर्स क्रिस्टोफर एलन ने कहा, “सामाजिक अलगाव एक गंभीर मुद्दा है जो पूरे ब्रिटेन में कई हजारों लोगों को प्रभावित करता है। हम जानते हैं कि अकेलापन, और कुछ सामाजिक संपर्क होने से, धूम्रपान जैसी खराब जीवनशैली की आदतें पैदा हो सकती हैं, जिससे आपके हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। ”शोधकर्ताओं की टीम का सुझाव है कि अकेलेपन से प्रभावित व्यक्तियों को मदद लेने की जरूरत है और यह भी करना चाहिए। उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कदम उठाएं और जैसे कि स्वयं सहायता करना या सामुदायिक समूहों में शामिल होना आदि।

