आज रक्षाबंधन है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को राखी बांधकर मिठाइयां खिलाती हैं। वैसे भी हर त्योहार पर मिठाइयों का खास महत्व होता ही है। मतलब कि बिना मिठाई के किसी त्योहार की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। कुछ लोग घर पर ही मिठाई बनाते हैं तो वहीं कुछ लोग बाजार से मिठाई मंगवाते हैं। बाजार में मिलने वाली मिठाई में मिलावट की काफी संभावना होती है। यह मिलावट सेहत के लिए बेहद हानिकारक होती है। ऐसे में बेहतर होता है कि घर पर ही मिठाइयां बना ली जाएं। त्योहारों में बढ़ती मांग के बीच मिलने वाली मिठाइयों में स्टार्च और यूरिया की मिलावट की जाती है। ये तत्व सेहत के लिए बेहद घातक होते हैं और आपकी सेहत को इन तरीकों से नुकसान पहुंचा सकते हैं।
1. आजकल मिठाइयों में सामान्य रंगों का भी इस्तेमाल होने लगा है। इन रंगों में कार्बन व भारी मेटल होते हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके चलते एलर्जी, अस्थमा की बीमारी हो सकती है। इसके अलावा लंबे समय तक सेवन करने से कैंसर भी हो सकता है इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी त्योहार में जितना हो सके मिठाइयों से परहेज करें। लाइसेंस प्राप्त बड़ी दुकानों से ही मिठाइयां खरीदें, जिनका वर्षों से नाम है। बेहतर होगा कि घर पर ही स्वादिष्ट मिठाइयां बनाएं।
2. अशुद्ध और मिलावटी मिठाइयों के सेवन के कारण आंतों में संक्रमण होने से पेट खराब हो सकता है। दूध में यूरिया जैसी खतरनाक चीज की मिलावट और मिठाइयों में रंगों का इस्तेमाल होता है। हालांकि, खाने वाले रंग का इस्तेमाल किया जाए तो यह घातक नहीं होता है।
3. मिलावटी मिठाइयों के सेवन से लीवर संबंधी बीमारियों की संभावना अधिक रहती है। खासकर आप चटकीले रंगों वाली मिठाइयों को खाने से परहेज करें।
4. मिलावटी चीजों से पाचन तंत्र पर प्रभाव पड़ता है। हां, एक या दो दिन मिलावटी मिठाइयां खाने से कोई खतरनाक बीमारी नहीं होगी, लेकिन पेट दर्द, उल्टी, दस्त आदि की समस्या हो सकती है, खासकर बच्चों को।
5. मिलावटी मिठाई सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है क्योंकि जिस तरह चीजें मिठाइयों में मिलाई जाती हैं, उससे पाचन तंत्र के साथ-साथ किडनी पर भी असर पड़ता है। विषेशज्ञों के अनुसार, मिठाइयों और खाद्य वस्तुओं में मिलावट के चलते लोगों की प्रजनन क्षमता भी घट सकती है।
