प्रेग्नेंट महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान अपनी हेल्थ का खास ध्यान रखना पड़ता है। हाल ही में एक स्टडी में सामने आया है कि प्रेग्नेंसी के दौरान प्लास्टिक की बोतल में पानी पीना महिलाओं के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। स्टडी में बताया गया है कि ऐसा करने से बच्चों में मोटापा होने का खतरा बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार बिसफेनोल ए हार्मोन से पेट में बच्चे के मोटापे बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इस रिसर्च में ये भी सामने आया है कि प्लास्टिक की बोतल में पानी पीने से गर्भवती महिलाओं में भूख को नियंत्रित करने वाले हार्मोंन प्रभावित हो सकते हैं। इससे गर्भवती महिलाओं में भूख लगनी कम हो जाती है और इसकी वजह से बच्चे में मोटापे होने और इसके विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बता दें कि यह बीपीए कई फूड डिब्बों, पानी की बोतल और कैन में मौजूद होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ ओटावा के शोधकर्ता डॉ. अलफोंसो अबिजैद के मुताबिक प्लास्टिक बोतल में पाया जाने वाला बिसफेनॉल गर्भवती महिलाओं में शरीर की ऊर्जा और हार्मोन्स के बैलेंस को प्रभावित करता है। जिसकी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं में अनावश्यक बदलाव होने लगते हैं और इसका प्रभाव बच्चों पर भी पड़ता है। इसकी वजह से बच्चों में मोटापे की समस्या पैदा हो जाती है।
बता दें कि बिस्फेनोल ए (BPA) रसायन जिन प्लास्टिक के बर्तनों में पाया जाता है उन सभी उत्पादों पर चीन, फ्रांस और कनाडा में प्रतिबंध है। ऐसे में सिर्फ वही प्लास्टिक के बर्तनों का प्रयोग करें जिस पर ‘बिस्फेनोल ए (BPA) फ्री’ लिखा होता है। वहीं कई रिसर्च में सामने आया है कि प्लास्टिक के बर्तनों में पाए जाने वाले इस रसायन के कारण प्रेग्नेंट महिलाओं में एस्ट्रोजन बहुत अधिक सक्रिय हो जाता है। यह बच्चे के विकास पर प्रभाव डालता है और महिलाओं को प्रजनन संबंधी समस्याएं उत्पन्न करता है।

