भारतवर्ष के इतिहास में कई महान लोगों ने जन्म लिया। इन महान लोगों में से एक थे आचार्य विष्णु गुप्त चाणक्य, जिन्हें पूरी दुनिया चाणक्य के नाम से जानती है। चाणक्य की नीतियों ने नंद वंश का विनाश कर दिया। उनकी नीतियों की बदौलत एक सामान्य परिवार से संबंध रखने वाला बालक चंद्रगुप्त सम्राट बन पाया। उनकी नीतियों की चर्चा पूरी दुनिया में होती है। आचार्य चाणक्य अपने शिष्य चंद्रगुप्त मौर्य की सेहत पर बहुत ध्यान रखते थे। उन्होंने सेहत से जुड़े कई तथ्य बताए। आज हम आपके लिए लेकर आएं हैं। पानी के बारें में खास जानकारी। चाणक्य के अनुसार खाने खाने के बाद पानी पीना जहर के समान माना जाता है।
चाणक्य कहते थे कि व्यक्ति को खाना खाते समय विशेष ध्यान रखना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद कभी पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा करने से आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ता है। चाणक्य कहते थे कि ऊर्जा के बिना कोई चीज काम नहीं करती। खाना हमारे शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। चाणक्य के अनुसार अगर आपका खाना सही ढंग से पचेगा नहीं तो पेट संबंधी रोग होने की संभावनाएं रहती है।
चाणक्य कहते हैं कि खाने के बाद कभी पानी नहीं पीना चाहिए, ये सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। चाणक्य कहते हैं कि खाने के बीच में भी पानी पीना हानिकारक होता है। जब तक आपका खाना पच ना जाए आपको पानी नहीं पीना चाहिए। ऐसा करने से आपके पाचन तंत्र में परेशानी हो सकती है।
चाणक्य कहते थे कि व्यक्ति को खाने के करीब एक से दो घंटे बाद पानी पीना चाहिए क्योंकि इतनी देर में आपका खाना पच जाता है। खाने के दो घंटो बाद में पानी पीएंगे तो इसे अमृत के समान माना जाता है। ऐसा करने से हमारे शरीर को भरपूर मात्रा में ऊर्जी मिलती हैं और हमारे शरीर के पाचन तंत्र भी ठीक रहते हैं। देर में पानी पीने से हमारे शरीर को कब्ज, एसीडिटी आदि का सामना नहीं करना पड़ता।
