Karunanidhi Health, Urinary Tract Infection Men Symptoms, Treatment, Causes in Hindi: डीएमके अध्‍यक्ष एम करुणानिधि चेन्नई के कावेरी अस्पताल में भर्ती हैं। जिनका हालचाल जानने के लिए नेताओं समेत अन्य लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है. रविवार को टीएमसी नेता डेरेक ओ ब्रायन, बीजेपी महासचिव मुरलीधर राव और मदुरै अधीनम भी करुणानिधि के स्वास्थ्य की जानकारी लेने कावेरी हॉस्पिटल पहुंचे थे। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनका हालचाल जाना। बता दें कि 94 वर्षीय करुणानिधि की यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary Tract Infection) और बुखार की वजह से तबीयत खराब चल रही है। उन्हें शुक्रवार देर रात अचानक रक्तचाप कम होने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन यूरीनरी सिस्टम में बैक्टीरिया के संक्रमण की वजह से होता है। आइए जानते हैं यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के लक्षण और इसके बचाव के घरेलू उपाय।

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के लक्षण: यूटीआई के सामान्य लक्षणों में पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब में खून आना, पेशाब से तेज बदबू आदि शामिल हैं। यह बैक्टीरिया की वजह से होने वाली बीमारी है इसलिए इसके इलाज में एंटी-फंगल और एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है।

बचाव के घरेलू तरीके

– गर्माहट यूरीन इंफेक्शन से निजात दिलाने में काफी मदद कर सकता है। इसके लिए आपर हर रोज गरम पानी से स्नान करें या फिर अपने पेट के निचले हिस्से में एक गर्म पैड लगाकर रखें। इससे आपको दर्द से काफी आराम मिलेगा।

 पेशाब लगे तो रोकने की कोशिश न करें। कई बार ऐसा होगा कि आपको पेशाब लगेगी और कुछ नहीं निकलेगा। ऐसी अवस्था में भी आपको बाथरूम जाना चाहिए। आप जितनी बार पेशाब करने जाएंगे, उतने ही बैक्टीरिया आपके शरीर से बाहर जाएंगे। पोशाब को रोककर रखना बैक्टीरिया बढ़ाने का काम कर सकता है।

– खीरा में पर्याप्त मात्रा में पानी होता है। यह आपके शरीर में पानी की पर्याप्त आपूर्ति करता है। शरीर से विषाक्त तत्वों के उत्सर्जन के लिए यह बेहद आवश्यक है।

– क्रैनबेरी जूस में पर्याप्त मात्रा में एंटी-ऑक्सीडेंट पाया जाता है। यह हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त रखता है। साथ ही साथ यह हमारे शरीर से उन तत्वों को बाहर करने का भी काम करता है जो यूरीनरी इंफेक्शन के कारक होते हैं।

– शरीर से विषाक्त पदार्थों के उत्सर्जन के लिए जरूरी है कि आप खूब पानी पिएं। इससे संक्रमण से भी सुरक्षा मिलती है। दिन में कम से कम 8 गिलास पानी पीना अनिवार्य है। इसके अलावा आप ताजा फलों का जूस भी पी सकते हैं लेकिन ध्यान रहे कि एल्कोहल, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और कैफीन के सेवन से दूरी बनी रहे।