World Mosquito day 2019: मच्छरों को काटने से हर साल करीब 40 करोड़ लोग डेंगू के शिकार हो रहे हैं। डेंगू से बचाव के लिए अब तक कोई कारगर वैक्सीन तो नहीं है। परंतु इन खतरनाक मच्छरों का उपाय मच्छरों में ही छुपा बताया जा रहा है। दरअसल कोलंबिया के मैडेलीन में वैज्ञानिक ने ऐसे बैक्टीरिया वाले मच्छरों को गली-गली में छोड़ रहे हैं जो न केवल डेंगू, बल्कि जीका, चिकनगुनिया और येलो फीवर की रोकथाम कर सके। कोलंबिया में इस अनोखे प्रयोग पर काम कर रहे वैज्ञानिक अब मच्छरों को मारने की जगह खास प्रकार के मच्छरों की संख्या बढ़ा रहे हैं। आइए जानते हैं यह अनोखा प्रयोग मच्छरों को रोकथाम के लिए किस प्रकार काम करता है।
कोलंबिया के मैडेलीन शहर में इस प्रयोग पर काम करने वाले लोग कार से यात्रा करते समय हर 50 मीटर पर अपनी कार को रोकते हैं। जिसके बाद खास तौर से तैयार किए गए मच्छरों को छोड़ देते हैं। दरअसल इस खास प्रकार के मच्छर में वोल्बासिया नाम के बैक्टीरिया को इंजेक्ट कराया गया है। वैज्ञानिकों की मानें तो यह बैक्टीरियाडेंगू मच्छरों को फैलने से रोकता है। साथ ही वे कहते हैं कि जब ये मच्छर लोगों को काटेंगे तो उनके खून में वोल्बासिया बैक्टीरिया पहुंचेंगे। जब डेंगू मच्छर लोगों को काटेंगे तो वोल्बासिया बैक्टीरिया से मर जाएंगे।
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हालांकि प्रोजेक्ट पर काम कर रहे लोगों का मानना है कि मेडलिन शहर की आबादी की तुलना में डिजाइन किए गए मच्छरों की संख्या कम पड़ रही है। इस प्रोजेक्ट के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बच्चों को लगाया गया है। बच्चे घर-घर जाकर ये बता रहे हैं कि डिजाइनर मच्छरों को काटने से कोई बीमारी नहीं होगी। दिलचस्प बात ये है कि डिजाइनर मच्छर चार-पांच में प्रजनन करते हैं और 2-3 दोनों के अंदर काटने के लिए तैयार हो जाते हैं। इतना ही नहीं वैज्ञानिक कुछ ऐसे बैक्टीरियल मच्छरों पर काम कर रहे हैं जो डेंगू, जीका, येलो फीवर और चिकनगुनिया को फैलाने से रोक सके।
