आमतौर पर जिंदगी में हम सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करते हैं। सॉफ्ट ड्रिंक में मीठा, बिना चीनी का या कृत्रिम पेय शामिल होते हैं। एक स्टडी के मुताबिक इन सभी सॉफ्ट ड्रिंक्स का अधिक मात्रा में सेवन करने से समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल 10 यूरोपीय देशों के 4.50 लाख अध्ययनकर्ताओं ने इस पर अध्ययन किया। जिसमें यह पता लगाया गया कि जिन लोगों ने दिनभर में चीनी या मीठे और कृत्रिम रूप से मीठे ड्रिंक सहित सॉफ्ट ड्रिंक का दो ग्लास या उससे अधिक का सेवन किया, उन सभी में मृत्यु दर अधिक और जोखिम भरा था।

शोधकर्ताओं ने कृत्रिम रूप से मीठा सॉफ्ट ड्रिंक और संक्रामण रोगों से होने वाली मौतों के बारे में भी पता लगाया। जिसमें यह पाया गया कि पाचन क्रिया से होने वाली मौत के पीछे अधिक मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन करना है। दरअसल यह स्टडी के जेएएमए (JAMA) इंटरनल मेडिसिन नाम की पत्रिका में छपी है।

अध्ययनकर्ताओं ने प्रतिभागियों के 1992 से 2000 के बीच उनके खाने-पीने की खपत पर रिसर्च किया। जिसमें यह पाया गया कि 8 साल में दोगुना सॉफ्ट ड्रिंक के खपत की वृद्धि हुई। इंपीरियल कॉलेज, लंदन के जोनाथन पियर्सन-स्टटार्ड ने कहा कि “सॉफ्ट ड्रिंक हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी बीमारियों को बुलावा देता है।

हालांकि अध्ययन में सॉफ्ट ड्रिंक की खपत और मृत्यु दर में वृद्धि के बीच एक संबंध पाया गया। शोधकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि लिंक एक जटिल है और इसे कारण नहीं माना जा सकता है। अध्ययन के प्रमुख लेखकों में से एक नील मर्फी ने कहा कि “हमने पाया कि कम खपत की रिपोर्ट करने वालों की तुलना में सॉफ्ट ड्रिंक की अधिक खपत वाले प्रतिभागियों ने हमारे अध्ययन के नमूने में सभी कारणों से मृत्यु होने का अधिक खतरा था।”

नील मर्फी ने आगे कहा कि अधिक मात्र में सॉफ्ट ड्रिंक की खपत पूरी तरह से स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि स्टडी में यह पाया गया कि अधिक मात्रा में सॉफ्ट ड्रिंक लेना तंबाकू और धूम्रपान सेवन से होने वाली बीमारियों से भी अधिक खतरनाक है।