गर्मियों में शरीर का तापमान बढ़ जाने की वजह से लू लगती है। ऐसा तब होता है जब शरीर का तापमान 105 डिग्री फॉरेनहाइट हो जाता है और शरीर अपने आपको ठंडा कर पाने में समर्थ नहीं होता। लू कभी-कभी जानलेवा भी हो जाती है। ऐसे में इस जानलेवा मर्ज से बचने की जरूरत है। इसके लिए आपको गर्मी के दिनों में खास एहतियात बरतने की जरूरत होती है। आज हम आपको 5 ऐसी आदतों के बारे में बताने वाले हैं जो गर्मी में लू लगने के कारण हो सकते हैं। आफ इ आदतों से परहेज कर हीटस्ट्रोक के खतरे को कम कर सकते हैं।
भारी और काले रंग के कपड़े – काले रंग, भारी कपड़े, तंग और बहुत अधिक कपड़े पहनने से शरीर के तापमान का बढ़ता है। इस तरह के कपड़े पसीने के वाष्पीकरण को प्रतिबंधित करते हैं। पसीने के वाष्पीकरण से ही शरीर को शीतलता मिलती है। यदि पसीने की वाष्पीकरण प्रतिबंधित हैं, तो आपका मूल तापमान संभावित रूप से खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है और हीटस्ट्रोक का कारण बन सकता है।
सनस्क्रीन से परहेज – धूप में जानें से पहले सनस्क्रीन नहीं लगाने से हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। स्किन की सुरक्षा के लिए हमेशा एसपीएफ 30 या उससे अधिक एसपीएफ वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। सनस्क्रीन को सूर्य के संपर्क से 30 मिनट पहले लगाना चाहिए।
धूप में व्यायाम न करें – यदि संभव हो तो गर्मियों के दौरान आउटडोर एक्सरसाइज करने से बचें। हमेशा ठंडे जगह या ठंडे मौसम में एक्सरसाइज का अभ्यास करें। यदि आप गर्मी में एक्सरसाइज करते हैं तो हर 15 मिनट पर ब्रेक लें और पेय पदार्थो का सेवन करें ताकि आपको हीटस्ट्रोक का सामना ना करना पड़ें।
डिहाइड्रेशन – गर्मी के समय में आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए ताकि आपका शरीर हाईड्रेट रहे। हीटस्ट्रोक को रोकने के लिए आपको कम से कम 6-7 गिलास पानी पीना चाहिए।
एल्कोहल का सेवन – बियर का सेवन गर्मियों में आपकी प्यास बुझा सकता है। लेकिन यह हाइपर्मिया का खतरा बढ़ सकता है क्योंकि एल्कोहल ड्यूरेटिक होता है और डिहाईड्रेशन का कारण बनता है।
