कहा जाता है कि सर्दियों में च्यवनप्राश का सेवन आपको कई दिक्कतों से दूर रखता है। इसका सबसे अच्छा और अहम फायदा ये है कि यह शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाता है। च्यवनप्राश 20-40 आयुर्वेदिक सामग्री का एक मिक्सचर होता है। सामग्री की संख्या बढ़ भी सकती है।पहले के टाइम में कुछ चवनप्राश ऐसे होते थे जिनमें 20 हर्ब्स मिलाए जाते थे, वहीं कुछ ऐसे भी होते थे जिनमें 80 से अधिक हर्ब्स मिलाए जाते हैं। इनकी ज्यादातर सामग्री जिनमें आंवला, ब्राह्मी आदि शामिल होते हैं, ऐसी होती है जिनमें इम्यूनिटी बढ़ाने वाले तत्व होते हैं। आइये हम आपको बताते हैं कि किस तरह चवनप्राश खाने से इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है।

एलर्जिक खांसी और सर्दी-जुकाम से पीड़ित कुछ लोगों पर एक अध्ययन किया गया और इन्हें नियमित रूप से च्यवनप्राश खिलाया गया। इसके बाद एलर्जी से पीड़ित लोगों का इम्यूनोग्लोब्यूलिन ई लेवल 50% तक कम हुआ जबकि 60% लोगों का बैक्टीरियल इंफेक्शन का इम्यूनोग्लोब्यूलिन ई लेवल 24% तक कम हुआ। जिसका मतलब ये हुआ कि लोगों में एलर्जिक इम्यून रिएक्शन घटने से वो इंफेक्शन का सामना बेहतर तरीके से कर पाते हैं। एक और अध्ययन में ये निष्कर्ष भी निकला कि चवनप्राश से मैक्रोफेजिज कहलाने वाले इम्यूनिटी सेल्स की गतिविधि बढ़ा देता है। ये सेल्स नॉन-स्पेसिफिक इम्यून रिस्पॉन्स को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जिससे कि इंफेक्शन का चांस घट जाता है।

ये हैं च्यवनप्राश खाने के फायदे- च्यवनप्राश में इतनी आयुर्वेदिक औषधियां होती हैं जो फेफड़ों के काम को आसान करने के साथ-साथ शरीर में नमी को संतुलित करते है। च्यवनप्राश में आंवला, ब्राह्मी, बादाम तेल, अश्वगंधा आदि होते हैं जो मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अनुसंधान से यह पता चलता है कि आयुर्वेद का यह फार्मूला यादाश्त को बढ़ाने, किसी भी चीज को सीखने की क्षमता को उन्नत करने, स्मृति बनाए रखने की क्षमता को बढ़ाते है।