बीमारी में भले ही भूख कम लगे लेकिन लगती जरूर है। लेकिन एक ऐसी बीमारी भी है जिसमें इंसान भूख में तड़पने के बावजूद खाना नहीं खाता है। यह बीमारी इतनी घातक है कि इससे घिरे इंसान की मौत तक हो सकती है। हालांकि यह बीमारी मानसिक है। जिसे भी यह बीमारी घेर लेती है, उसे हमेशा डर रहता है कि उसका वजन न बढ़ जाए। यहां तक की वह खाने से भी दूरी बना लेता है।
अगर वह किसी तरह खा ले तो वह उल्टी कर देगा। वह भी जबरदस्ती। अगर ऐसा नहीं कर पाता तो बिना कारण या बिन वक्त वर्कआउट करना शरू कर देगा। जबकि ऐसी बीमारी से घिरे लोग पतले ही होते हैं। इससे ग्रस्त कुछ लोगों का वजन इतना कम होता है कि उनकी हड्डियां तक दिखती हैं। इसके बावजूद उन पर वजन कम करने करने का फितूर सवार रहता है।
होते हैं दो तरह के
इस बीमारी से ग्रसित लोग खुद के बनाए नियमों पर ही चलना पसंद करते हैं। अगर गलती से भी वह नियमों को तोड़ दें तो खुद में शर्मिंदगी महसूस करते हैं। खाने के लिए बनाए नियम को लेकर किसी भी तरह से समझौता पसंद नहीं करते हैं। वेट बढ़ने की चिंता उन्हें हर दम सताती है। इसीलिए अगर वह कुछ खा लें तो जबरन उल्टी कर देते हैं। इसके अलावा वह हद से ज्यादा एक्सरसाइज करने से भी नहीं कतराते।
दूसरी तरह के लोग भी करीब पहले वाले की तरह ही होते हैं। यह भी खुद के बनाए नियम पर ही चलते हैं। यह खाना तो खाते हैं लेकिन उसमें भी मापतौल के। मतलब कब क्या खाना है और उसमें कितनी कैलोरी या प्रोटीन होगा। ज्यादा कैलरीज के चलते इन्हें ही मोटा होने का सबसे ज्यादा डर रहता है। इस कैटगरी के बीमार लोग खुद को खाली पेट रखना ही पसंद करते हैं या अगर कहें कि भूखे रहने की इंतहा यह लोग खाना नहीं खाते।

