एलोवेरा का इस्तेमाल आजकल कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में खूब किया जा रहा है। स्किन समस्याओं में एलोवेरा का इस्तेमाल खासतौर पर लोकप्रिय है। स्किन पर मुहांसे, झुर्रियां आदि हटाने के साथ-साथ स्किन को फेयर और नम बनाए रखने के लिए भी एलोवेरा बेहद फायदेमंद हर्ब है। इसके इतने फायदों और इस्तेमाल किए जाने की आसान विधियों की वजह से आम लोगों में एलोवेरा का उपयोग काफी बढ़ा है। एलोवेरा के इस्तेमाल के दौरान हमें थोड़ी सी सावधानी बरतनी चाहिए नहीं तो इस फायदेमंद हर्ब से कैंसर जैसी घातक बीमारी भी हो सकती है। एक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है।
अध्ययन में बताया गया है कि जब हम एलोवेरा का इस्तेमाल करने के लिए उसके पौधे को काटते हैं तब उसमें से एक पीले रंग का तरल पदार्थ निकलता है। यह तरल पदार्थ एलो-लेटेक्स कहा जाता है। सेहत के लिहाज से यह बेहद घातक होता है। इससे सरदर्द, एलर्जी और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है। ऐसे में हमें एलोवेरा के पौधे को बेहद सावधानी से काटना चाहिए। शोधकारों का कहना है कि एलो-लेटेक्स विषैला पदार्थ है। इससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी हो सकती है। अमेरिका के इस शोध में एलोवेरा का लैब में परीक्षण किया गया था। परीक्षण में यह पता लगा कि एलोवेरा की चटनी, मुरब्बा, जैम या जूस बनाते समय अगर एलो-लेटेक्स की थोड़ी भी मात्रा उसमें पड़ जाए तो यह शरीर में कैंसर के कारकों को पैदा करने में मदद कर सकती है।
त्वचा के लिए भी एलोवेरा के इस्तेमाल में खास सावधानी बरतने की जरूरत होती है। नहीं तो खुजली, एक्जिमा जैसी स्किन प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए आपको एलोवेरा के सही इस्तेमाल की विधि पता होनी चाहिए। इसके लिए आप एलोवेरा की पत्ती को तोड़कर कुछ देर के लिए ऐसे ही छोड़ दें। कुछ देर बाद इसका पीला पदार्थ यानी लेटेक्स पूरी तरह से निकाल जाएगा। फिर इसे धोएं और अच्छे से इस्तेमाल करें।
