यह तो आप जानते हैं कि अनार आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन अनार को अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करके कई बीमारियों से बचा जा सकता है। आज हम आपको आचार्य बालकृष्ण की ओर से बताए गए नुस्खों के बारे में बता रहे हैं, जिससे आप अनार का कई तरीकों से इस्तेमाल कर सकते हैं और कई बीमारियों का घर बैठे अनार से ही इलाज कर सकते हैं।
नकसीर के लिए करता है दवा का काम- अगर नकसीर बंद ना हो रही हो तो अनार की कलियों को कूटकर रस निकाल लें और इस रस की 2-2 बूंद नाक में डालने से बार-बार होने वाले नकसीर बंद हो जाएगी।
दांत के दर्द में फायदेमंद- अगर आपके दांत में दर्द हो रहा है तो अनार के छिलके को सुखाकर उसका पाउडर बना लें। इस पाउडर के साथ सेंधा नमक, हल्दी व सरसो का तेल मिलाकर दांत साफ करें। ऐसा करने से आपको दांत के दर्द से निजात मिलेगा और आपके मसूड़े भी मजबूत होंगे।
खांसी में भी उपयोगी- अनार खांसी में भी काफी फायदेमंद होता है। किसी भी तरह की खांसी होने पर अनार की सूखी या ताजी कलियों या सूखे पत्तों को लेकर उसमें 2-3 तुलसी के पत्ते और 1-2 दाने काली मिर्च डालकर उबाल लें और चाय की तरह इसका नियमित रुप से सेवन करें। कुछ दिनों तक इसका लगातार सेवन करने से पुरानी खांसी में भी आराम मिलता है।
पेट के रोगों के लिए भी लाभदायक- जिन लोगों को पेट की परेशानी है और उन्हें भूख नहीं लगती है या कमजोरी रहती है तो अनार के रस में थोड़ा भुना हुआ जीरे पाउडर और सेंधा नमक डालकर पीएं। कुछ ही दिनों बाद आपको फर्क महसूस होने लगेगा और पाचन तंत्र भी ठीक हो जाएगा।
अतिसार होने पर- अतिसार की दिक्कत होने पर अनार के फल का छिलका व सूखे बेल का छिलका निकाल कर बराबर मात्रा में लेकर पाउडर बना लें। उसके बाद पाउडर की 1-1 चम्मच को सुबह-शाम सादे पानी के साथ लें। इससे कुछ ही समय में अतिसार से फायदा मिलेगा। साथ ही पेट के कई अन्य रोगों के लिए भी अनार फायदेमंद होता है।
