Coronavirus in India: चीन (China) समेत दुनिया के कई देशों में कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देख भारत सरकार भी सतर्क हो गयी है। केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (Liquid Medical Oxygen), ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinders) और वेंटिलेटर (ventilators) जैसे लाइफ सपोर्ट इक्विपमेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने राज्यों (States) और केंद्र शासित (Union Territories) प्रदेशों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रेशर स्विंग एडजॉर्शन (पीएसए) ऑक्सीजन पैदा करने वाले संयंत्रों को पूरी तरह चालू रखा जाए और उन पर नियमित मॉक ड्रिल की जाए।
सभी स्टेट्स और यूनियन टेरिटरी को लिखे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मनोहर अगनानी ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या कम होने के बावजूद किसी भी स्थिति से निपटने के लिए इन बेसिक मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन और रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पत्र में कहा गया है कि, ”स्वास्थ्य सुविधाओं में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन (LMO) की उपलब्धता और उनकी रिफिलिंग के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जानी चाहिए। बैकअप स्टॉक और रिफिलिंग सिस्टम के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर की संख्या पर्याप्त रखे। साथ ही ऑक्सीजन से संबंधित तमाम चुनौतियों के त्वरित समाधान के लिए ऑक्सीजन कंट्रोल रूम को फिर से सक्रिय किया जाना चाहिए।”
इन पांच देशों से आने वालों के लिए RT-PCR Test अनिवार्य
केंद्र सरकार ने चीन, हांगकांग, बैंकॉक, जापान, साउथ कोरिया से आने वाले यात्रियों के लिए RT-PCR Test अनिवार्य कर दिया है। इन देशों के यात्रियों को हवाईअड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा और जो लोग कोविड पॉजिटिव या बुखार से पीड़ित पाए जाएंगे उन्हें क्वारंटाइन किया जाएगा।
इस अलावा इन देशों से आने वाले यात्रियों को ‘एयर सुविधा’ फॉर्म भरकर अपने स्वास्थ्य की सही स्थिति बतानी होगी। बता दें एयर सुविधा पोर्टल अगस्त 2020 में लॉन्च किया गया था।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने संसद में दिए अपने बयान में लोगों से अनिवार्य रूप से मास्क का उपयोग करने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया था ताकि भविष्य में भारत को वायरस के नए बीएफ.7 वेरिएंट से बचाया जा सके।
