Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता… शो में जेठालाल की जिंदगी में आए दिन तूफानों का आना कोई नई बात नहीं है। उनकी जिंदगी में इतनी मुसीबतें हैं कि कई बार तो जेठालाल के परम मित्र तारक मेहता भी उनसे कह चुके हैं, कि तुम्हारा नाम जेठालाल नहीं बल्कि मुसीबत लाल होना चाहिए। एक बार शो में दिखाया गया था कि जेठालाल के बापू जी और उनकी पत्नी दया अपने बेटे टप्पू की शादी कराने की ज़िद पर अड़ जाते हैं। जेठालाल जैसे ही ये सुनते हैं कि बापू जी टप्पू की शादी कराना चाहते हैं, तो उनके होश उड़ जाते हैं। जेठालाल, बापू जी को समझाने की कोशिश करते हैं कि टप्पू छोटा है उसकी शादी नहीं कर सकते लेकिन दया और चंपक लाल गढ़ा उनकी एक नहीं सुनते हैं।

दूसरी तरफ नई साईकिल का लालच दिला कर बापू जी और दया टप्पू को शादी के लिए मना लेते हैं। छोटे से टप्पू की शादी कराने की ज़िद पकड़ कर बैठे बापू जी को समझाने के लिए जेठालाल अपने फायर बिग्रेड तारक मेहता को घर पर लेकर आते हैं। इसके बाद तारक, चंपक लाल से कहते हैं कि चाचा जी ये शादी नहीं हो सकती टप्पू बहुत छोटा है और हमारे देश में बाल विवाह अपराध है। लेकिन पोते को बहु के साथ देखने का सपना संजोय चंपक लाल और अपनी बहु को देखने के लालच में दया उनकी एक नहीं सुनते और टप्पू की शादी के लिए लड़की देख लेते हैं।

इधर टप्पू भी पूरी टप्पू सेना को बताता है कि वो अब बड़ा हो गया है उसकी शादी हो रही है। जिसके बाद पूरी टप्पू सेना उससे कहती है कि अब क्या तुम हमारे साथ खेलने नहीं आया करोगे। इस पर टप्पू कहता है देखूंगा टाइम मिला तो आऊंगा। टप्पू की शादी की बात जैसे ही गोकुलधाम में फैलती है… सब जेठालाल पर गु्स्सा होने लगते हैं कि शर्म नहीं आती हैं इतने छोटे बच्चे की शादी कराते हुए। जिसके बाद जेठालाल सबसे कहते हैं कि मैं नहीं करवा रहा हूं जा कर बापू जी से मना करो।

तमाम अड़चनों के बाद फाइनली टप्पू की शादी हो जाती है। इसके बाद जेठालाल उदास मन से बहू अपने घर लेकर आते हैं। बहू के आते ही जेठालाल को अपने बेडरूम से भी निकलना पड़ता है, क्योंकि जेठालाल की बहू टीना को उनके खर्राटे बर्दाश्त नहीं होते, जिसके बाद बापू जी जेठालाल को सोफे पर सोने को कहते हैं। जेठालाल बाहर आकर कहते हैं पहले तीन लोग थे मेरी जिंदगी में परेशानी खड़ी करने के लिए अब चार हो गए। हालांकि बाद में जब जेठालाल देखते हैं तो ये सब महज उनकी एक कल्पना निकलती है।