केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देश में वैक्सीन की कमी को लेकर विपक्षी पार्टियों के निशाने पर है। आए दिन प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना होती है कि उनकी सरकार ने समय रहते देश में वैक्सीन की आपूर्ति पर ध्यान नहीं दिया। इस बीच वैक्सीन सर्टिफिकेट के ऊपर लगी उनकी तस्वीर पर भी कई विवाद हुए। कई गैर भाजपा शासित राज्यों ने तो पीएम की तस्वीर की जगह अपनी तस्वीर लगा ली। एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने भी पीएम पर तंज कसते हुए कहा है कि क्या लोग उन वैज्ञानिकों के नाम जानते हैं जिन्होंने टीके की खोज की। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी ने कोविड का टीका बनाने वाले वैज्ञानिकों का ज़िक्र अपने कार्यक्रम मन की बात में भी नहीं किया।

अपने प्राइम टाइम शो में रवीश कुमार ने कहा, ‘क्या आप उन भारतीय वैज्ञानिकों के नाम जानते हैं जिन्होंने भारत में रहते हुए कोरोना के टीके की खोज की? क्या आपने उनका चेहरा देखा है? जिस तरह से मंगल यान के छोड़े जाते समय प्रधानमंत्री इसरो के वैज्ञानिकों से  घुल मिल रहे थे और उनका चेहरा देखा था। आपसे कहा गया कि भारतीय वैज्ञानिकों ने टीके की खोज की है लेकिन उन भारतीय वैज्ञानिकों का जिक्र तो मन की बात में भी नहीं मिलता है।’

रवीश कुमार ने वैक्सीन कंपनियों द्वारा केंद्र को कम दाम और राज्यों को अधिक दाम में वैक्सीन उपलब्ध कराने पर भी तंज़ कसा। उन्होंने कहा कि हर जगह वन नेशन वन राशन, वन टैक्स की बात करने वाली सरकार वैक्सीन के लिए ऐसा क्यों नहीं सोचती।

रवीश कुमार ने कहा, ‘हर बात में वन नेशन, एक ही भाषण के तहत बार-बार एक नेशन वन राशन, एक नेशन एक टैक्स की बात करने वाली मोदी सरकार वन नेशन में एक टीका एक दाम की बात करना भूल गई है। यही नहीं टीके की खरीद की नीति ऐसी बनाई है कि लगता है वन नेशन नहीं, वन नेशन में हर एक स्टेट एक नेशन है और वो अपना ग्लोबल टेंडर निकाले और खरीद लाए।’

 

एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस वैक्सिनेशन प्रोग्राम को विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान कहकर प्रचारित किया जा रहा था, उसकी पोल खुल गई है।

 

वहीं, आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को टीकाकरण अभियान की समीक्षा की जिसमें उन्होंने वैक्सीन की बर्बादी को रोकने पर बल दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से यह कहा गया कि सरकार टीका निर्माताओं को उत्पादन इकाइयों में बढोतरी के साथ ही आर्थिक मदद और कच्चे माल की आपूर्ति में भी मदद कर रही है।