बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री नीना गुप्ता हमेशा से बेबाकी से अपनी बात रखने के लिए जानी जाती हैं। नीना हमेशा अपनी बातों से समाज की पुरानी सोच को चुनौती देती हैं। उनकी निजी ज़िंदगी हमेशा से चर्चा में रहती है। उन्होंने साल 1980 के दशक के अंत में बिना शादी मां बनने का फैसला लिया जो आज भी चर्चा का विषय रहता है। इतने साल बाद भी यह बात बार-बार सामने आती है, इस वजह से नीना गुप्ता का मानना है कि समाज आज भी अपनी शर्तों पर जीने वाली महिलाओं को सहजता से स्वीकार नहीं कर पाता।
हाल ही में Humans of Bombay से बातचीत में नीना गुप्ता ने शादी और पुरुष-महिला सोच को लेकर अपनी राय खुलकर रखी। उनका मानना है कि पारंपरिक और पुरुष-प्रधान समाज में मजबूत और आत्मनिर्भर महिलाओं को अक्सर शादी के लिए सही नहीं माना जाता। उन्होंने कहा कि ज़्यादातर पुरुष ऐसी महिलाओं को पसंद नहीं करते जो अपने विचार रखती हों, काम को लेकर गंभीर हों और अपने करियर के प्रति समर्पित हों। उन्होंने साफ किया कि वह यह बात सब पर लागू नहीं कर रहीं, लेकिन अपने अनुभव और समाज में जो देखा है, उसके आधार पर कह रही हैं।
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इसी बातचीत में नीना गुप्ता ने अपने जीवन का एक दर्दनाक किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बार उनकी सगाई हुई थी, लेकिन शादी से ठीक पहले उस व्यक्ति ने रिश्ता तोड़ दिया। उस समय वह शादी और परिवार को लेकर पूरी तरह तैयार थीं, लेकिन अचानक उन्हें फोन आया कि शादी नहीं होगी। वजह भी उन्हें कभी साफ तौर पर नहीं बताई गई। करीब छह महीने बाद जब वही व्यक्ति दोबारा शादी की बात लेकर आया, तो नीना ने साफ इनकार कर दिया।
