अपने ही अंदाज में कॉमेडी कर आज एक कॉमेडियन के तौर पर पहचाने जाने वाले जॉनी आज अपना बर्थडे मना रहे है। जॉनी राओ की कहानी बड़ी ही दिलचस्प रही। अगर आपको लग रहा है कि मैंने नाम गलत टाइप कर दिया तो बता दूं कि जॉनी का असली नाम जॉनी राओ ही था। एक तेलुगु क्रिश्चन फैमिली में जन्मे जॉनी आंध्रा एजुकेशन सोसायटी इंग्लिश हाई स्कूल में पढ़ते थे। लेकिन पैसों की तंगी के चलते उन्होंने 11वीं के बाद स्कूल छोड़ दिया।

स्कूल छोड़ने के बाद उनका मकसद केवल पैसे कमाना था। इसके लिए वो तरह-तरह के काम करते थे, जैसे कि पेन बेचना। जी हां और पेन बेचने के लिए भी उनका एक अलग स्टाइल था। ज्यादा लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए जॉनी गाना गाकर या स्टार्स कि मिमिक्री कर पेन बेचते थे। कभी-कभी वो फिल्मी गानों पर डांस भी करते थे। जॉनी कुछ समय के लिए हैदराबाद के एक शहर याकुतपुरा भी चले गए थे। वहां उन्होंने कॉमेडी एक्टिंग का एक नया स्टाइल बना लिया। अब बात करते हैं उनके नाम की, आखिर जॉनी राओ जॉनी लीवर कैसे बन गया।

जॉनी के पिता हिंदुस्तान लीवर में काम किया करते थे। कुछ समय के लिए जॉनी ने भी वहीं काम किया था। एक बार ऑफिस के एक प्रोग्राम में जॉनी भी पहुंच गए। वहां उन्होंने कुछ सीनियर ऑफिसरों की नकल की। यह देख सभी उन्हें जॉनी लीवर कहकर पुकारने लगे। इसके बाद जब जॉनी ने इंडस्ट्री में अपन करियर की शुरुआत की तो उन्होंने अपना नाम यही रखा। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में करियर की बात की जाए तो आपके बता दें कि शुरुआत में जॉनी ऑर्केस्ट्रा में कॉमेडी किया करते थे।