पाकिस्तान में ‘पैडमैन’ की रिलीज पर प्रतिबंध लगाए जाने के बारे में फिल्मकार आर बाल्की ने कहा कि इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाना महिलाओं और मानवता के लिए अन्यायपूर्ण है। फिल्म की सह-निर्माता ट्विंकल खन्ना के साथ बाल्की ने बुधवार को अपनी सफलता का जश्न मनाने के लिए एक कार्यक्रम में भाग लिया और यूनिसेफ और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बातचीत की। ‘पैडमैन’ पर प्रतिबंध के बारे में बाल्की ने बताया, “इस फिल्म पर केवल पाकिस्तान में प्रतिबंध लगा है। मुझे लगता है कि यह उनकी अपनी वजह हो सकती है, लेकिन यह गलत है।”

उन्होंने कहा, “आप इस तरह की फिल्म पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते। अगर आप इस तरह की फिल्म पर प्रतिबंध लगा रहे हैं तो यह महिलाओं और मानवता के लिए अन्यायपूर्ण है क्योंकि यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है बल्कि यह एक इस शख्स की कहानी है और उन मुद्दों के बारे में है, जिन पर यह बनी है।” बाल्की ने यह भी बताया कि मध्य पूर्व ने फिल्म को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा, “अजीब बात है कि फिल्म ने मध्य पूर्व में बड़ी सफलता हासिल की है। यह पहली फिल्म है, जिसे इराक में दिखाया जाएगा और एक ऐसे देश जहां इससे पहले हिंदी भाषी कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई।”

मलाला युसुफजई ने फिल्म पैडमैन का सर्मथन किया है।

‘पैडमैन’ 9 फरवरी को रिलीज हुई। यह अरुणाचलम मुरुगनाथनम के जीवन पर आधारित है। वहीं दूसरी तरफ, मलाला युसुफजई ने आर बाल्की द्वारा निर्देशित फिल्म ‘पैडमैन’ के प्रति अपना समर्थन जताया है। वहीं, निर्माता ने बताया कि नोबल शांति पुरस्कार विजेता के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग की योजना है। बाल्की ने कहा, “मलाला द्वारा हमारी फिल्म को समर्थन देने के बारे मैं क्या कह सकता हूं? हम धन्य और सम्मानित हैं। उनके जैसी शख्सियतों की आवाजें ही ‘पैडमैन’ में दिए हमारे संदेश को आगे ले जाएंगी। माहवारी के विषय को अब और पर्दे के पीछे नहीं रखा जाना चाहिए। और हमें इस संदेश को आगे बढ़ाने के लिए मलाला जैसी मजबूत आवाजों की जरूरत है।”