अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना ने साथ में कई फिल्में की। एक वक्त था जब विनोद खन्ना की लोकप्रियता अमिताभ बच्चन से तनिक भी कम नहीं थी। कहा जाता है कि दोनों ही एक्टर्स के बीच एक तरह का मनमुटाव भी हो गया था। हालांकि विनोद खन्ना ने इस तरह की बातों से हमेशा इनकार ही किया लेकिन कहने वाले कहते रहे कि अमिताभ को विनोद खन्ना की लोकप्रियता से थोड़ा डर जरूर लगा था। जब दोनों अपने करियर के पीक पर थे तब प्रकाश मेहरा ने दोनों ही सुपरस्टार्स को साथ लेकर फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ बनाने की सोची।
इस फिल्म के दौरान एक ऐसी घटना हुई जिस पर अमिताभ बच्चन को काफी अफसोस हुआ था। इस फिल्म के एक सीन के दौरान अमिताभ बच्चन की गलती से विनोद खन्ना बुरी तरह घायल हो गए थे। इस घटना के बाद कुछ लोगों ने यह तक कहना शुरू किया कि अमिताभ विनोद खन्ना की लोकप्रियता से खीझ गए थे और इसी वजह से यह दुर्घटना हुई। हालांकि इन बातों में कोई सच्चाई नहीं दिखती क्योंकि अमिताभ विनोद खन्ना को देखने उनके घर भी गए थे।
दरअसल हुआ ये कि इस फिल्म के एक सीन में अमिताभ बच्चन को विनोद खन्ना की तरफ एक ग्लास फेंकना था जिसके बाद विनोद खाना को झुक कर उस अटैक से बचना था। सीन की शूटिंग शुरू हुई और अमिताभ ने पूरे बल से विनोद खन्ना के चेहरे की तरफ ग्लास मारा। विनोद खन्ना सही वक्त पर झुकने से चूक गए और ग्लास सीधे उनकी ठुड्ढी पर लगी।
चोट इतनी जोरदार लगी कि उनकी ठुड्ढी कट गई और ख़ून बहने लगा। विनोद खन्ना के ठुड्ढी पर वो निशान हमेशा के लिए रह गया। कहा जाता है कि विनोद खन्ना ने इसके बाद यह फैसला किया कि वो कभी अमिताभ बच्चन के साथ काम नहीं करेंगे।
अमिताभ बच्चन के साथ शूटिंग के दौरान ही एक और भयानक हादसा हुआ था। साल 1983 में फिल्म कूली की शूटिंग के दौरान वो बुरी तरह घायल हो गए थे और गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचे थे। इस फाइट सीन में पुनीत इस्सर थे जिन्हें इसका बेहद अफसोस हुआ था। अमिताभ के लिए पूरे देश ने प्रार्थना की थी और जब वो ठीक हुए तो देश भर में खुशी की लहर थी।

