आमिर खान को मिस्टर परफेक्शनिस्ट इसलिए कहा जाता है क्योंकि वो अपनी फिल्म के हर सीन को रीयल की तरह शूट करते हैं। उनकी यही क्वालिटी उन्हें सबसे अलग बना देती है। फिल्म के दो डायलॉग प्रोमो जारी किए गए हैं। जिनसे यह बात एकदम साफ है कि फिल्म में ढेर सारी एनर्जी है। जिसे देखकर आप बोर नहीं होंगे। पहले प्रोमो में आमिर एक अधेड़ शख्स नहीं बल्कि एक युवा महावीर सिंह फोगट के किरदार में नजर आ रहे हैं। हानिकारक बापू में एक्टर अपनी बेटियों को दुनिया जीतने के लिए तैयार करते हुए दिखते हैं। पहले प्रोमो में आमिर एक सरकारी ऑफिस में दिख रहे हैं। जहां जर्जर कुर्सीयां, दीवारों से उड़ चुका पेंट और ढेर सारी फाइलें नजर आ रही है। युवा महावीर 1988 का एक रेस्लिंग मैच देख रहा है और अपने कलीग से बात करता है जोकि स्टेट लेवल चैंपियन है- मेडल तो अपने छोरे भी ला सकते हैं भाईसाहब। इसके बाद दोनों लड़ते हुए दिखते हैं और कलीग उन्हें कहता है- दम है तेरे में, स्टेट लेवल चैंपियन को हराया तूने। इसपर आमिर खान जवाब देते हैं- दिल छोटा मत कर, नेशनल लेवल चैंपियन से हारा है तू।

दूसरे प्रोमो में हानिकारक बापू अपनी बेटियों को सुबह पांच बजे तैयार रहने के लिए कहता है। जिसपर उनकी बेटियां अपना विरोध करती हैं और बहाने बताती हैं। जिससे यह बात साबित होती है कि दंगल केवल आमिर खान की ही नहीं बल्कि लड़कियों की भी फिल्म है। यह महावीर सिंह फोगट की असली कहानी को पर्दे पर दिखाती फिल्म है। जो भारत के लिए गोल्ड जीतने में असफल हो जाते हैं। इसके बाद वो अपनी लड़कियों गीता और बबीता फोगट को ट्रेन करते हैे और उन्हें वर्ल्ड क्लास चैंपियन बनाते हैे। इस दौरान उसे पितृसत्तात्मक समाज से कई तरह के विरोध का भी सामना करना पड़ता है। हरियाणा जैसे राज्य में लड़कियों को ट्रेन करना फोगट के लिए काफी मुश्किल था। आमिर के अलावा फिल्म में साक्षी तंवर, फातिमा सना शेख और सान्या मल्होत्रा नजर आएंगे।

 

फिल्म के निर्देशक नीतेश तीवारी ने एक इंटरव्यू में इंडियन एक्सप्रेस से कहा- महावीर ने अपनी बेटियों को वर्ल्ड क्लास रेस्लर बनाने के लिए समाज के हर नियम को तोड़ा था। हरियाणा जैसे पितृसत्तात्मक राज्य में लड़कियों को ट्रेन करना वो भी रेस्लिंग जैसे स्पोर्ट के लिए काफी मुश्किल होता है। वो भी ऐसे समय पर जब महिलाओं के लिए रेस्लिंग की शुरुआत ही की गई हो। दंगल कई चीजों का मिला-जुला रूप है। इसके सेंटर में फैमिली ड्रामा है जिसके जरिए मजबूत संदेश दिया गया है। यह एक इंसान की इच्छाशक्ति के बारे में है जिसने अपने विजन पर भरोसा किया और अपनी लड़कियों को सशक्त बनाया।