बॉलीवुड एक्टर राज कुमार अपने अलग स्टाइल और डायलॉग डिलिवरी के अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उनका सिग्नेचर स्टाइल आज भी कॉपी किया जाता है। वो किसी भी स्टार के साथ काम करते हुए खुद को स्क्रीन पर बखूबी सामने रखना जानते थे। अमरीश पुरी जैसी गजब की पर्सनैलिटी के सामने भी वह अपने अंदाज से दर्शकों को अपना फैन बनाने में कामयाब रहे। इस तरह राज कुमार के कई ऐसे डायलॉग हैं जो सदाबहार हो गए और हमेशा याद किए जाते हैं।
राज कुमार का डायलॉग, तुम्हारी औकात के जमीनदार हमारी हवेली पर रोज सुबह सलाम करने आते हैं। देखने लायक है। इस फिल्म में वह कलेक्टर के रोल में थे और अमरीश पुरी बिना अप्वाइंटमेंट उनसे मिलने पहुंचते हैं।
बुलंदी फिल्म में राज कुमार का डायलॉग, हमको मिटा सके ये जमाने में दम नहीं। हमसे जमाना खुद है जमाने से हम नहीं।
सौदागर फिल्म में राज कुमार, हम तुम्हें मारेंगे और जरूर मारेंगे लेकिन वो बंदूक भी हमारी होगी, गोली भी हमारी होगी और वक्त भी हमारा होगा। इस फिल्म में पहले राज कुमार और दिलीप कुमार दोस्त थे। लेकिन किसी परिस्थिती के चलते दिलीप कुमार राज कुमार की बहन से शादी नहीं कर पाते वह आत्महत्या कर लेती है और दोस्ती दुश्मनी में बदल जाती है।
बेताज बादशाह में राज कुमार शत्रुघ्न सिन्हा के साथ नजर आए थे। इस फिल्म में भी उनका अंदाज देखने लायक था।

