Maithili language in CTET: सीटीईटी (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) में मैथिली भाषा को शामिल किए जाने को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। बिहार की स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की बैठक में मैथिली भाषा से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है। अब जल्द ही CTET में मैथिली को एक भाषा विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है। इस विकास को मिथिलांचल सहित मैथिली भाषी क्षेत्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बीजेपी सांसद ने दी जानकारी
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दरभंगा से बीजेपी सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि CTET में मैथिली भाषा को शामिल करने की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही मैथिली को CTET की आधिकारिक भाषा सूची में अधिसूचित किया जाएगा, मैथिली मातृभाषा वाले अभ्यर्थी इस भाषा में परीक्षा दे सकेंगे। उनका मानना है कि इससे खासकर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवारों को प्रश्नों को समझने में आसानी होगी और उनके प्रदर्शन में भी सुधार हो सकता है।
मैथिली भाषी अभ्यर्थियों को क्या होगा फायदा?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इस फैसले से न केवल बिहार बल्कि देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले मैथिली भाषी अभ्यर्थियों को भी लाभ मिलेगा। अब तक CTET में भाषा विकल्प सीमित होने के कारण कई अभ्यर्थियों को हिंदी या अंग्रेजी में परीक्षा देनी पड़ती थी, जिनमें वे पूरी तरह सहज नहीं थे। मातृभाषा में परीक्षा देने का विकल्प मिलने से:
प्रश्नों की बेहतर समझ बनेगी
परीक्षा अधिक सुलभ और न्यायसंगत होगी
ग्रामीण और क्षेत्रीय भाषा पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों को समान अवसर मिलेगा
अभी CTET किन भाषाओं में होता है आयोजित?
वर्तमान में CTET परीक्षा 20 भाषाओं में आयोजित की जाती है। आवेदन के समय उम्मीदवारों को Language I और Language II का चयन करना होता है। मौजूदा भाषा विकल्प इस प्रकार हैं:
हिंदी
अंग्रेजी
उर्दू
संस्कृत
पंजाबी
बंगाली
असमिया
गुजराती
मराठी
तमिल
तेलुगु
कन्नड़
मलयालम
ओड़िया
नेपाली
कोंकणी
मणिपुरी
खासी
गारो
मिजो
फिलहाल इस सूची में मैथिली भाषा शामिल नहीं है। यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है और अधिसूचना जारी होती है, तो मैथिली भी इन भाषाओं में जुड़ जाएगी।
CTET परीक्षा का पैटर्न
CTET का आयोजन CBSE द्वारा उन उम्मीदवारों के लिए किया जाता है, जो कक्षा 1 से 8 तक शिक्षक बनना चाहते हैं। परीक्षा दो पेपर में होती है:
Paper I
कक्षा 1 से 5 के लिए
विषय:
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र
भाषा I
भाषा II
गणित
पर्यावरण अध्ययन
Paper II
कक्षा 6 से 8 के लिए
विषय:
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र
भाषा I
भाषा II
Mathematics and Science या Social Studies/Social Science
प्रत्येक पेपर में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं, कुल 150 अंक होते हैं और समय 2 घंटे 30 मिनट का होता है। परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग नहीं होती।
आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार
हालांकि स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में प्रगति की बात कही जा रही है, लेकिन CTET में मैथिली भाषा को शामिल करने को लेकर अभी CBSE की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी होना बाकी है।
Jansatta Education Expert Conclusion
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो आने वाले CTET सूचना बुलेटिन में भाषा विकल्पों से जुड़ा अपडेट जारी किया जाएगा। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में भाषाई समावेशन को बढ़ावा देगा और मैथिली भाषी अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकता है।
