आज 8 मार्च है, यानी आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है। हर खास दिन पर गूगल डूडल के माध्यम से कुछ न कुछ नया करता है। आज भी गूगल ने ठीक वैसा ही किया है। गूगल ने आज नारी शक्ति को समर्पित खास डूडल बनाया है। इस डूडल में आज एक वीडियो भी है। महिला दिवस पर गूगल ने ने एक एनिमेटेड वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो मैसेज में डूडल में दुनियाभर की महिलाओं और जेनेरेशन को दर्शाया गया है। ये एनिमेशन वीडियो मल्टीलेयर्ड 3D पेपर मनडाला एनिमेश के जरिए बनाया गया है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इतिहास पर नजर डालें तो इतिहास के मुताबिक पहली बार वर्ष 1909 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया था। लेकिन इसे मनाने के पीछे एक खास मकसद रहा। दरअसल साल 1908 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की कुल 15 हजार महिलाओं ने वोटिंग करने की अपनी मांग के चलते एक मोर्चा निकाला। वे चाहती थीं कि जिस तरह से पुरुषों को अपने देश की सर्कार चुनने के लिए हक मुहैया है ठीक इसी प्रकार उन्हें भी यह हक दिया जाए।

Highlights
क्लारा ज़ेटकिन ने महिला दिवस मनाने के लिए कोई तारीख पक्की नहीं की थी. साल 1917 में युद्ध के दौरान रूस की महिलाओं ने 'ब्रेड एंड पीस' (यानी खाना और शांति) की मांग की.
भारत में लंबे समय से आठ मार्च की जगह 10 मार्च को भारतीय महिला दिवस मनाया जाता है. इसके पीछे एक खास वजह है. ये खास वजह है कि इस दिन 19वीं सदी में स्त्रियों के अधिकारों, अशिक्षा, छुआछूत, सतीप्रथा, बाल या विधवा-विवाह जैसी कुरीतियों पर आवाज उठाने वाली देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले का स्मृति दिवस होता है।
रूस और दूसरे कई देशों में इस दिन के आस-पास फूलों की कीमत काफी बढ़ जाती है। इस दौरान महिला और पुरुष एक-दूसरे को फूल देते हैं। चीन में ज्यादातर ऑफिस में महिलाओं को आधे दिन की छुट्टी दी जाती है। वहीं अमरीका में मार्च का महीना 'विमेन्स हिस्ट्री मंथ' के तौर पर मनाया जाता है।
दो साल बाद साल 1913 में 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में नियुक्त कर देने का फैसला किया गया। तब से अब तक इसी दिन को महिलाओं के सम्मान, उनके हक और उनके पक्ष में आवाज उठाने के रूप में मनाया जाता है।
8 मार्च की तारीख हुई नियुक्त 19 मार्च 1911 को पहली बार कुल तीन देशों - डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया।
इसके बाद एक कांफ्रेंस में 17 देशों की जानी मानी 100 महिलाओं ने इस मुद्दे पर अपनी सहमती जताई और आखिरकार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की स्थापना हुई।
ठीक एक साल बाद जर्मनी में क्लारा जेटकिन ने साल में एक दिन को महिला दिवस के रूप में समर्पित करने का सुझाव रखा। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों को याद करने के लिए एक ऐसा दिन निर्धारित करना चाहिए जब हम उनके हक में आवाज उठा सकें।
जर्मनी की महिलाओं का यह मोर्चा सफल रहा और ठीक एक साल बाद जब अमेरिका में सोशलिस्ट सरकार बनी तो उन्होंने वर्ष 1909 में 28 फरवरी का एक दिन महिलाओं को समर्पित करते हुए 'महिला दिवस' के रूप में मनाया।
गूगल का यह भी कहना है कि महिला दिवस पर बनाए डूडल में उन क्षेत्रों, उद्योगों, राष्ट्रों, युगों और संस्कृतियों की महिलाएं शामिल हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को राह दिखाने के लिए प्रयास कर रही हैं।
गूगल ने अपने पोस्ट में आगे यह भी लिखा है कि जैसे आज की महिलाएं उन लोगों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं जिन्होंने पिछली पीढ़ियों में संघर्ष किया है और बलिदान दिया है। आज की महिलाएं इसी तरह से महिला अधिकारों के लिए शुरू किए आंदोलन की विरासत को आगे बढ़ाती रहेंगी।
गूगल ने अपने ब्लॉग पोस्ट में बताया गया है कि यह डूडल वीडियो – यह डूडल पूर्व सांस्कृतिक और लैंगिक भूमिकाओं और महिलाओं द्वारा समाज में अपनी भूमिका को लेकर सवाल करने और उन्हें फिर से परिभाषित करने के लिए बाधाओं को तोड़ने के लिए किए हर प्रयास को श्रद्धांजलि देता है।
वीडियो में तीसरी लेयर आती है जिसमें 1990 से आज तक की महिलाओं को चित्रित किया गया है। यानी गूगल के इस डूडल वीडियो में बीत 100 सालों में महिलाओं के अधिकारों में हुए बदलाओं को दर्शाया गया है।
इस एनिमेशन वीडियो में मनडाला का ब्लैक और व्हाइट सेंट्रल लेयर 1800 से 1930 तक के दौरान लेबर मूवमेंट की महिलाओं का चित्रण करता है। दूसरी लेयर 1950 से 1980 तक चले जेंडर इक्वेलिटी की लड़ाई और जीवनशैली में तेजी से आए बदवालों के लैंडमार्क वक्त को दर्शाता है।
गूगल सर्च इंजन पर बनाया यह इलेस्ट्रेटेड न्यू यॉर्क और लंदन बेस्ड आर्टिस्ट जूली विलकिंशन और जॉयने हॉर्सक्रोफ्ट ने तैयार किया है। इसका एनिमेशन जूरिक के एनिमेटर मैरिन विलियम और उनके साथियों ने मिल कर तैयार किया है। इस एनिमेशन वीडियो में दुनियाभर की शक्तिशाली महिलाओं के इतिहास का चित्रण किया है।