सीबीएसई बोर्ड के परीक्षार्थियों को जल्द ही 10वीं की गणित परीक्षा में दो टेस्ट पेपर्स में से एक चुनने का ऑप्शन मिलेगा। परीक्षार्थी स्टैंडर्ड लेवल और मौजूदा लेवल के पेपर्स में से कोई एक चुन सकेंगे। फॉर्म भरते समय परीक्षार्थी अपनी चॉइस फाइल कर सकेंगे। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, बोर्ड अधिकारियों ने यह जानकारी दी गई है। परीक्षा सिलेबस में कोई बदलाव नहीं होगा लेकिन स्टूडेंट्स को दो अलग-अलग लेवल के पेपर मिलेंगे। जो स्टूडेंट्स 10वीं के बाद गणित विषय नहीं पढ़ना चाहते वे आसान प्रश्न पत्र चुन सकेंगे। खबर के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि यह पायलट प्रॉजेक्ट मार्च 2019 से शुरू हो सकता है और भविष्य में इसकी सफलता को देखते हुए इसे 12वीं के लिए भी लागू किया जा सकता है।
इस काम को अंजाम देने के लिए बोर्ड ने विभिन्न यूनिवर्सिटीज, स्कूल्स और एनसीईआरटी से चुने गए 15 गणित विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है। खबर के मुताबिक, एक गणित विशेषज्ञ ने कहा, “नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के हिसाब से सभी विषयों की परीक्षा दो लेवल पर होनी चाहिए। शुरुआत गणित और अंग्रेजी से हो सकती है। इसके मुताबिक स्टूडेंट्स के पास हाई लेवल और स्टैंडर्ड लेवल के बीच चॉइस होनी चाहिए।”
परीक्षा का सिलेबस पहले जैसा ही रहेगा लेकिन उसमें दो लेवल की परीक्षाएं होंगी। हाई लेवल की परीक्षा में अप्लाइड मैथ और हायर ऑर्डर थिंकिंग स्किल्स से जुड़े प्रश्न अधिक होंगे। बोर्ड को कई स्कूलों से दो प्रश्न पत्र प्रस्तावित करने के प्रतिनिधित्व मिले हैं। बता दें विदेश में कई स्कूल बोर्ड इस प्रैक्टिस को फॉलो करते हैं। केंब्रिज इंटरनेशनल जनरल सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन के पास हर विषय का ऐसा कोर करिकुलम है जो अधिकतम स्टूडेंट्स की क्षमताओं में होता है।
