उत्तर प्रदेश में 37 साल के पत्रकार की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस का दावा है कि सैनिटाइजर की मदद से पत्रकार को जलाया गया था। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि इस हत्याकांड में ग्राम प्रधान का बेटा भी शामिल है। दरअसल लखनऊ-आधारित अखबार राष्ट्रीय स्वरूप में काम करने वाले पत्रकार राकेश सिंह निर्भिक और उनके 34 साल के दोस्त पिंटू साहू को पुलिस ने बुरी तरह झुलसी हुई हालत में उनके घर से बरामद किया था। पत्रकार का घऱ लखनऊ से 160 किलोमीटर दूर बलरामपुर के एक गांव में स्थित है। जब पुलिस ने इन्हें बुरी हालत में बरामद किया था तब पिंटू साहू की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जर्नलिस्ट को लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां बाद में उनकी भी मौत हो गई।

अपनी मौत से पहले पत्रकार राकेश सिंह ने पुलिस को बताया था कि वो अखबार में स्थानीय ग्राम प्रधान और उनके बेटे के द्वारा किये गये भ्रष्टाचार को लेकर लिखते रहते हैं। सच लिखने की वजह से ही उनके साथ इस भयानक कांड को अंजाम दिया गया है। पत्रकार का एक वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमें वो दर्द से कराहते नजर आए थे। इस मामले में अब पुलिस ने खुलासा किया है कि तीन लोगों को पकड़ा गया है। इसमें से रिंकू मिश्रा नाम का शख्स ग्राम प्रधान का बेटा है। जबकि दो अन्य आरोपियों का नाम अकरम औऱ ललित मिश्रा है। इनके खिलाफ पहले से भी हत्या का मामला दर्ज है। पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि पत्रकार को जलाने से पहले उनपर अल्कोहल मिला सैनिटाइजर डाल दिया गया था।

बलराम पुलिस प्रमुख रंजन वर्मा ने कहा कि आऱोपी इस घटना को दुर्घटना का रूप देना चाहते थे। पुलिस ने कहा कि इस हत्याकांड के पीछे 2 अहम वजह थीं। पहली वजह राकेश सिंह की पत्रकारिता और दूसरी वजह यह थी कि पिंटू साहू का रिंकू मिश्रा से पैसों को लेकर विवाद चल रहा था।

पुलिस के मुताबिक 27 नवंबर को ललित मिश्रा और पिंटू साहू के बीच बहस हुई थी। जिसके बाद ललित औऱ उसके बाकी साथियों ने काफी शराब पी और इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की तफ्तीश जारी है और जरुरत पड़ने पर अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।