भारतीय वाहन अनुसंधान संघ (एआरएआइ)ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या फॉक्सवैगन ने भारत में भी उत्सर्जन परीक्षणों में धोखाधड़ी की है। सरकार ने वाहन परीक्षण एजंसी एआरएआइ को यह जांच करने का आदेश दिया है।
भारी उद्योग मंत्रालय ने एआरएआइ से कहा है कि वह कंपनी द्वारा किसी तरह के संभावित उल्लंघन की जांच करे और अपनी रिपोर्ट 30 सितंबर तक दे। भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने आइईएमएम के सालाना सम्मेलन के अवसर पर यह जानकारी दी। एआरएआइ ने शुक्रवार को कहा कि उसने परीक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कंपनी से इस मुद्दे पर ब्योरा मांगा है।
एआरएआइ की निदेशक रश्मि उर्द्धवारेशी ने कहा- हमने फॉक्सवैगन से इस बारे में ब्योरा मांगा है और उनके जवाब का इंतजार है। यह पूछे जाने पर कि क्या एआरएआइ नमूना परीक्षण करेगा, उन्होंने कहा कि अभी इस पर फैसला नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि परीक्षण एजंसी भारी उद्योग मंत्रालय के दिशानिर्देशों के तहत काम करेगी। इस बारे में संपर्क किए जाने पर फॉक्सवैगन इंडिया के प्रवक्ता ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि जांच अभी चल रही है। उल्लेखनीय है कि उत्सर्जन घोटाले के कारण फाक्सवैगन अमेरिका में 18 अरब डॉलर तक के संभावित जुर्माने का सामना कर रही है।
