आयकर व कंपनी कर
आयकर पर सेस की बढ़ोतरी लागू होगी। अति धनाढ्यों पर 10 से 15 फीसद तक सेस बरकरार है। स्वास्थ्य व शिक्षा उपकर तीन से बढ़ाकर चार फीसद किया गया है। 250 करोड़ रुपए तक के कारोबार वाली कंपनियों पर कंपनी कर घटा कर 25 फीसद किया गया है। व्यक्तिगत आयकर के मामले में परिवहन भत्ता और चिकित्सा भत्ता प्रतिपूर्ति (री-इंबर्समेंट) को 40,000 रुपए की मानक कटौती में समायोजित किया गया है। मानक कटौती से 2.5 करोड़ वेतनभोगियों को फायदा मिलेगा। फायदा उन वरिष्ठ नागरिकों को खास तौर से मिलेगा, जिन्हें अब तक चिकित्सा और यातायात का फायदा नहीं मिलता था।
निवेश लाभ पर कर
वित्त वर्ष 2018-19 में शेयरों की बिक्री से एक लाख रुपए से अधिक के पूंजीगत लाभ पर 10 फीसद कर (एलटीसीजी) और चार फीसद सेस लगाने का प्रस्ताव किया गया। अभी तक एक साल में शेयर बिक्री से होने वाले पूंजी लाभ पर 15 फीसद कर लगता है। हालांकि, खरीद के एक साल बाद बेचे जाने से होने वाले पूंजी लाभ पर कोई कर नहीं देना होता है। सरकार ने निवेशकों को इस मोर्चे पर कुछ राहत दी है। 31 जनवरी के बाद सूचीबद्ध होने वाले शेयरों की बिक्री पर कर देनदारी की गणना के वक्त मुद्रास्फीति के समायोजन का लाभ दिया जाएगा। एक अप्रैल से शेयर बाजार से जुड़े इक्विटी म्यूचुअल फंड्स के डिविडेंड पर 10 फीसद की दर से टैक्स लगेगा।
ब्याज में राहत और 80 डी
अब 50 हजार रुपए तक का ब्याज कर रहित होगा। वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और पोस्ट आॅफिस में जमा पर 50 हजार रुपए तक ब्याज पर कर नहीं लगेगा। अभी तक 10 हजार रुपए तक ब्याज पर ही कर नहीं लग रहा था। धारा 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर किए गए भुगतान व चिकित्सा व्यय पर कर कटौती की सीमा भी 30,000 से 50,000 रुपए कर दी गई है। इलाज के खर्च पर कर छूट की सीमा पहले 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति के लिए 60 हजार थी और 80 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति के लिए 80 हजार थी। अब सबके लिए एक लाख रुपए कर दी गई है।
एनपीएस निकासी पर आयकर लाभ
नेशनल पेंशन सिस्टम यानी एनपीएस में जमा रकम निकालने पर टैक्स छूट का लाभ अब उन लोगों के लिए भी देने का प्रस्ताव किया है, जो अपना कारोबार करते हैं। ऐसे लोगों को एनपीएस से पैसे निकालने पर 40 फीसद हिस्से पर कर नहीं लगेगा। अभी तक यह सुविधा वेतनभोगियों के लिए थी। साथ ही, इस साल से बीमा पॉलिसी में भी बदलाव देखने को मिलेंगे। एकल प्रीमियम वाली पॉलिसी अगर एक से अधिक समय के लिए है तो हर साल समान अनुपात में प्रीमियम पर छूट मिल सकती है। अभी छूट का लाभ उठाने की सीमा 25 हजार है।