सरकार ने जोर देकर कहा कि वह बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और बल्कि उसने सोशल मीडिया को सक्रियता प्रोत्साहित किया है। सरकार ने अश्लील सामग्री परोसने वाली वेबसाइटों पर प्रतिबंध के आदेश को लेकर जारी विवाद के बीच यह बात कही है।
वेबसाइटों पर प्रतिबंध के आदेश को लेकर तीखी प्रतिक्रिया को देखते हुए सरकार को अपने पूर्व के आदेश को मंगलवार को संशोधित करना पड़ा। दूरसंचार मंत्रालय ने मंगलवार को बच्चों से जुड़ी अश्लील वेबसाइटों को छोड़कर अन्य वेबसाइटों पर से प्रतिबंध हटाने का आदेश दिया।
मंत्रालय के इस कदम के बाद दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने उक्त बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सरकार बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम सोशल मीडिया पर विचारों के आदान-प्रदान की पूरी तरह सराहना करते हैं।’’ उन्होंने रेखांकित किया कि किस प्रकार मोदी सरकार ने विभिन्न योजनाओं के लिये सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के साथ गठजोड़ को सक्रियता से प्रोत्साहित किया है।
प्रसाद ने कहा कि जनधन योजना तथा स्वच्छ भारत अभियान में प्रतीक चिन्ह के रूप में महात्मा गांधी का चश्मा का प्रस्ताव सबसे पहले सोशल मीडिया उयोगकर्ताओं ने ही किया था। मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने न्यायालय के आदेश के मद्देनजर कदम उठाया है जो 2013 से मामले में सुनवाई कर रहा है।