पेटीएम ने अपनी ऐप में पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस/स्वाइप मशीन) फीचर को लॉन्चिंग के एक दिन बाद ही वापस ले लिया है। यह फैसला मास्टर कार्ड और वीजा की ओर से ग्राहकों की डाटा प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद लिया गया है। पेटीएम की ओर से 24 नवंबर को शुरू किए गए पीओएस फीचर के जरिए दुकानकारों को उनके स्मार्टफोन में ग्राहक के कार्ड की डिटेल भरनी होती थी। इसके बाद पैसा ट्रांसफर किया जा सकता था। पेमेंट कंपनियों ने पेटीएम की इस फीचर पर असहमति जताई थी। उनका कहना था कि नई सर्विस से यूजर्स के कार्ड का दुरुपयोग किया जा सकता है। साथ ही इंटरनेशनल पेमेंट और कार्ड की डिटेल थर्ड पार्टी को बेचे जाने के सवाल भी उठाए गए थे।
बताया जाता है कि पेटीएम के नई सर्विस के लॉन्च के बाद मास्टरकार्ड ने पेटीएम के सीईओ विजय शेखर शर्मा से इसे वापस लेने को कहा। एक रिपोर्ट के अनुसार मास्टरकार्ड और अन्य कंपनियों ने पेटीएम की इस सर्विस पर सेफ्टी व सिक्योरिटी को लेकर चिंताएं जाहिर की। वीजा की ओर से कहा गया कि पेटीएम ने यह सर्विस लॉन्च करने से पहले जरूरी सर्टिफिकेट नहीं लिया। इससे यूजर्स की डाटा प्राइवेसी खतरे में आ सकती थी। पेटीएम की ओर से गुरुवार को कहा गया कि वह इस सर्विस को अपडेट करने के बाद रिलॉन्च करेगी। सर्विस लॉन्च करने के बाद जब स्टेकहोल्डर्स से बात की गई तो सामने आया कि इस प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाने की जरुरत है। इसके चलते व्यापारियों को यह सर्विस देने से पहले नए फीचर जोड़े जाएंगे।
गौरतलब है कि नई सर्विस लॉन्च करने पर कंपनी ने कहा था कि यह ऐप विशेषकर उन छोटे दुकानदारों के लिए उपयोगी होगा जिनके यहां कार्ड इस्तेमाल की मशीनें नहीं हैं। इससे ये सुनिश्चित होगा कि मौजूदा नकदी संकट से उन्हें कोई कारोबारी नुकसान नहीं हो। इस पर फिलहाल 50,000 रुपए प्रति माह तक का भुगतान हासिल किया जा सकता है। इसके तहत दुकानदार बेचे गए सामान का बिल तैयार कर फोन ग्राहक को सौंपेगा जो कि अपने कार्ड का ब्यौरा डालेगा। ग्राहक द्वारा दिया गया ब्यौरा एप पर नहीं बल्कि बैंक की बेबसाइट पर जाएगा जिससे उक्त सारी प्रकिया सुरक्षित रहेगी। पेटीएम 31 दिसंबर तक इसमें लेनदने के लिए कोई शुल्क नहीं लेगी।
गौरतलब है कि मोदी सरकार के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के एलान के बाद से पेटीएम को काफी फायदा हुआ है। पेटीएम से रोजाना 70 लाख सौदे होने लगे हैं जिनका मूल्य करीब 120 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। सौदों में आई भारी तेजी से कंपनी को अपने पांच अरब डॉलर मूल्य की सकल उत्पाद बिक्री (जीएमवी) लक्ष्य को तय समय से चार महीने पहले ही प्राप्त कर लिया है। जीएमवी ऑनलाइन क्षेत्र में कार्य करने वाली कंपनियों के कारोबार को मापने का पैमाना है। इसका मतलब किसी ऑनलाइन मंच से बेची जाने वाली वस्तुओं का सकल मूल्य से है। पिछले साल पेटीएम का जीएमवी तीन अरब डॉलर था। पेटीएम में चीन के अलीबाबा समूह की बड़ी हिस्सेदारी है। यह कंपनी लोगों को मोबाइल वॉलेट पर लेन-देन के साथ ही अपने मंच पर ई-वाणिज्य की सेवा भी मुहैया कराती है।
