Parag Parikh Large Cap Fund : पराग पारीख म्यूचुअल फंड (PPFAS Mutual Fund) ने एक नया लार्ज कैप फंड लॉन्च किया है, जिसमें सब्सक्रिप्शन सोमवार 19 जनवरी से खुलकर 30 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। फंड हाउस का दावा है कि इस न्यू फंड ऑफर की खासियत इसकी “स्मार्ट एग्जीक्यूशन” स्ट्रैटजी है, जिसमें खर्चों को कंट्रोल में रखते हुए नेट रिटर्न को बेहतर बनाने पर फोकस किया जाएगा। पराग पारीख लार्ज कैप फंड में उन निवेशकों की दिलचस्पी हो सकती है, जो देश की टॉप 100 कंपनियों में म्यूचुअल फंड के जरिये अनुशासित ढंग से पैसे लगाना चाहते हैं।
पराग पारीख लार्ज कैप फंड में क्यों लगाएं पैसे
पराग पारीख लार्ज कैप फंड का मुख्य उद्देश्य लंबे समय में कैपिटल एप्रिसिएशन हासिल करना है। इसके लिए यह फंड लार्ज कैप यानी मार्केट कैप के हिसाब से देश की टॉप 100 कंपनियों के शेयरों और उनसे जुड़े इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगा। पराग पारीख म्यूचुअल फंड के मुताबिक यह स्कीम भारत की टॉप 100 लार्ज कैप कंपनियों को ट्रैक करने के बावजूद बाजार में मौजूद दूसरे ट्रेडिशनल एक्टिव फंड्स की तरह एग्रेसिव तरीके से निवेश नहीं करेगी। स्कीम के पोर्टफोलियो में लार्ज कैप स्टॉक्स की हिस्सेदारी 80% से 100% तक रहेगी।
निवेश की “स्मार्ट एग्जीक्यूशन” रणनीति में क्या खास है
इस फंड की सबसे बड़ी पहचान इसका “स्मार्ट एग्जीक्यूशन” (Smart Execution) अप्रोच है। आम तौर पर म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते समय सिर्फ स्टॉक सेलेक्शन पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन फंड हाउस के मुताबिक इस नई स्कीम में इस बात पर भी फोकस किया जाएगा कि निवेश कैसे और किस लागत पर किया जा रहा है। फंड मैनेजमेंट ऐसी रणनीति अपनाएगा, जिससे ट्रांजैक्शन कॉस्ट और गैर-जरूरी खर्च कम किए जा सकें, जिससे निवेशकों को मिलने वाला नेट रिटर्न बेहतर हो।
इस अप्रोच के तहत यह फंड सिंगल स्टॉक फ्यूचर्स या इंडेक्स फ्यूचर्स में डिस्काउंट पर निवेश कर सकता है और मर्जर से जुड़ी आर्बिट्राज स्ट्रैटजी भी अपना सकता है। इसके लिए फंड मैनेजर पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग को ज्यादा स्मार्ट तरीके से अंजाम देंगे।
बाकी लार्ज कैप फंड्स से कैसे अलग है यह NFO
ज्यादातर लार्ज कैप फंड्स वैल्यूएशन और फंडामेंटल एनालिसिस के आधार पर स्टॉक्स को चुनते हैं और बेंचमार्क से अलग पोजिशनिंग लेते हैं। लेकिन फंड हाउस का कहना है कि पराग पारीख लार्ज कैप फंड में पोर्टफोलियो को बेंचमार्क इंडेक्स के काफी करीब रखने पर जोर दिया जाएगा।
इस फंड में एक्टिव स्टॉक सेलेक्शन का हिस्सा कम रखने की योजना है। यानी यह बेंचमार्क इंडेक्स से बहुत ज्यादा हटकर दांव नहीं लगाएगा। इसके अलावा जहां कई लार्ज कैप फंड्स में एक्सपेंस रेशियो और पोर्टफोलियो टर्नओवर ज्यादा होता है, वहीं इस स्कीम में इन्हें कम रखने की कोशिश की जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि बार-बार खरीद-बिक्री कम होगी और लागत भी काबू में रहेगी।
परफॉर्मेंस के मामले में भी फंड हाउस का कहना है कि इसका मकसद बेंचमार्क से बहुत ज्यादा अलग रिटर्न देना नहीं, बल्कि इंडेक्स जैसे ही रिटर्न को ज्यादा एफीशिएंट तरीके से डिलीवर करना है।
रिस्क लेवल
लार्ज कैप म्यूचुअल फंड्स को स्मॉल कैप या मिड कैप फंड्स के मुकाबले आमतौर पर कम रिस्की माना जाता है। लेकिन पूरी तरह इक्विटी मार्केट यानी शेयर्स में निवेश करने की वजह से रिस्कोमीटर पर इन्हें भी बहुत अधिक जोखिम (Very High Risk) की रेटिंग ही मिलती है। हालांकि सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिये निवेश किया जाए, तो एवरेजिंग का फायदा मिलता है और मार्केट की टाइमिंग से जुड़ा रिस्क कुछ हद तक कम हो जाता है।
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किनके लिए सही है यह NFO
यह एनएफओ उन निवेशकों के लिए सही विकल्प हो सकता है, जो लार्ज कैप सेगमेंट में लॉन्ग टर्म इनवेस्टमेंट करके स्टेबल रिटर्न हासिल करना चाहते हैं और बहुत ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते। अगर आप लंबे समय यानी कम से कम 5 साल के लिए निवेश कर सकते हैं और बाजार के शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव से घबराते नहीं हैं, तो इस फंड को पोर्टफोलियो में जगह देने पर विचार कर सकते हैं।
खास तौर पर ऐसे निवेशक, जो इंडेक्स फंड और एक्टिव फंड के बीच बैलेंस बनाकर चलने वाले ऑप्शन तलाश रहे हैं, उनके लिए यह स्कीम दिलचस्प हो सकती है। हालांकि यह समझना जरूरी है कि यह फंड तगड़े आउटपरफॉर्मेंस का वादा नहीं करता, बल्कि डिसिप्लिन और कॉस्ट को कंट्रोल में रखकर स्टेबल रिटर्न देने पर भरोसा करता है।
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पराग पारीख लार्ज कैप फंड NFO की बड़ी बातें
- सब्सक्रिप्शन विंडो : 19 जनवरी से 30 जनवरी 2026
- स्कीम में निवेश फिर से खुलने की तारीख : 6 फरवरी 2026
- स्कीम का बेंचमार्क इंडेक्स : Nifty 100 TRI
- निवेश का फोकस : टॉप 100 लार्ज कैप कंपनियों के शेयर
- निवेश रणनीति : स्मार्ट एक्जीक्यूशन के जरिए एक्सपेंस रेशियो और पोर्टफोलियो टर्नओवर रेशियो कम करने पर जोर
- रिस्क लेवल : बहुत अधिक (Very High)
- मिनिमम लंपसम इनवेस्टमेंट : 1,000 रुपये
- मिनिमम मंथली SIP: 1000 रुपये
- एंट्री लोड : कुछ नहीं
- एग्जिट लोड (Exit Load) : कुछ नहीं
- फंड मैनेजर : राजीव ठक्कर, रौनक ओंकार, राज मेहता, रुकुन ताराचंदानी
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं। निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें।)
