कर विभाग ने सभी केंद्रीय उत्पाद शुल्क दाताओं और सेवा कर दाताओं के लिए एक वैध आयकर पैन नंबर रखना अनिवार्य कर दिया है। उन्हें वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के लागू होने से पहले पैन की व्यवस्था करनी होगी ताकि वे नई व्यवस्था को आसानी से अपना सकें। राजनीतिक गतिरोध के चलते अभी अगले वित्त वर्ष से जीएसटी के लागू होने के आसार कम नजर आ रहे हैं लेकिन केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) इसके लिए एक अप्रैल को मान्य तिथि मानकर कार्य कर रहा है। सीबीईसी ने एक आदेश में कहा है कि जो भी व्यक्ति पुराने कानून के तहत पंजीकृत है और उसके पास यदि वैध पैन नंबर है तो उसे एक अस्थाई आधार पर एक पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। बोर्ड ने कहा कि उत्पाद शुल्क और सेवा कर के लिए आयकर पैन नंबर की आवश्यकता नहीं होती है। इसलिए करदाता को जीएसटी पर स्थानांतरण से पहले आॅनलाइन एसीईएस पोर्टल पर अपनी पंजीकरण जानकारी को अद्यतन करना चाहिए और इसके लिए उन्हें एक वैध पैन नंबर की जरूरत होगी। गौरतलब है कि जीएसटी में उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर जैसे तमाम अप्रत्यक्ष कर समाहित हो जाएंगे।
जीएसटी लागू होने से पहले करनी होनी पैन नंबर की व्यवस्था
जीएसटी में उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर जैसे तमाम अप्रत्यक्ष कर समाहित हो जाएंगे।
Written by जनसत्ता ब्यूरो
नई दिल्ली

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First published on: 09-01-2017 at 02:01 IST