How to Create Rs 1 Crore Corpus in 20 years : बूंद-बूंद से सागर भरता है, ये कहावत तो आपने भी सुनी होगी. लेकिन क्या ये बात निवेश पर भी लागू होती है? इस सवाल का जवाब है हां, ऐसा हो सकता है. लेकिन इसके लिए आपको बचत और निवेश के रास्ते पर बड़े धैर्य के साथ लंबे समय तक आगे बढ़ना होगा. आइए देखते हैं कि 20 साल में 1 करोड़ रुपये के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आप क्या कर सकते हैं.
SIP से 20 साल में जुटेंगे 1 करोड़ रुपये?
20 साल में 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस तैयार करने का लक्ष्य हासिल करना है, तो इसके लिए लगातार अनुशासित ढंग से निवेश करना जरूरी है. इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान यानी SIP के जरिये पैसे लगाने को इसका सबसे बेहतर तरीका माना जा सकता है. हालांकि इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में रिटर्न की गारंटी नहीं होती है, लेकिन पिछले प्रदर्शन के आधार पर लंबी अवधि में बेहतर नतीजे मिलने की संभावना जरूर रहती है.
हर महीने कितना करना होगा निवेश
SIP Calculator : 1 करोड़ रुपये का फंड तैयार करने के लिए आपको इक्विटी फंड्स की SIP में हर महीने 10,000 रुपये से 15,000 रुपये तक का निवेश करना पड़ सकता है. 1 करोड़ के लक्ष्य के लिए जरूरी SIP की रकम इस बात से तय होगी कि आप उस पर कितना सालाना रिटर्न मिलने की उम्मीद कर रहे हैं. मिसाल के तौर पर :
– सालाना अनुमानित रिटर्न 12% हो, तो 10,000 रुपये की मंथली SIP से 20 साल में करीब 1 करोड़ रुपये का फंड जमा किया जा सकता है.
– इसमें आपका निवेश 24 लाख रुपये होगा, जबकि करीब 76 लाख रुपये SIP पर 20 साल का रिटर्न होगा.
– लेकिन अगर सालाना अनुमानित रिटर्न 10% हो तो आपको 20 साल में 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस जमा करने के लिए हर महीने 13,500 रुपये की SIP करनी पड़ सकती है.
– ऐसा करने पर आपका अपना निवेश 32.4 लाख रुपये और 20 साल में SIP पर मिला रिटर्न करीब 70 लाख रुपये होगा.
स्टेप-अप एसआईपी कैलकुलेशन
Step Up SIP Calculator : कम से कम समय पर 1 करोड़ रुपये का कॉर्पस जुटाने का एक तरीका स्टेप-अप एसआईपी (Step-Up SIP) भी है. इस तरीके में मंथली SIP की रकम को हर साल बढ़ाना होता है, जिससे कॉर्पस ज्यादा तेजी से बढ़ता है. साथ ही आप कम रकम से शुरू करके भी लंबी अवधि में अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं. मिसाल के तौर पर
– अगर सालाना अनुमानित रिटर्न 10% हो और आप हर महीने 10,000 रुपये मंथली SIP से शुरुआत करके इसमें हर साल 5% का इजाफा करें तो 20 साल में 1.08 करोड़ रुपये का फंड तैयार हो सकता है. इसमें आपका अपना निवेश 39.68 लाख रुपये होगा, जबकि संभावित रिटर्न 68.58 लाख रुपये होगा.
कहां करना चाहिए निवेश
हालांकि इक्विटी म्यूचुअल फंड लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए काफी बेहतर माने जाते हैं, लेकिन इनके साथ जुड़े मार्केट रिस्क को भी हमेशा ध्यान में रखना चाहिए. ज्यादातर इक्विटी फंड्स का रिस्क लेवल काफी अधिक (Very High) होता है. इसलिए अपने पोर्टफोलियो में रिस्क और रिटर्न का बैलेंस बनाए रखने के लिए उसका एक हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF) जैसे सुरक्षित एसेट्स में भी जरूर रखना चाहिए.
Also read : SBI म्यूचुअल फंड की टॉप 5 इक्विटी स्कीम, 10 साल में 17–19% रिटर्न, 5,000 रुपये SIP से कितने बने पैसे
इनवेस्टमेंट के लिए कुछ और जरूरी टिप्स
निवेश करते समय पावर ऑफ कंपाउंडिंग (Power of Compounding) यानी रिटर्न पर रिटर्न मिलने की ताकत को न भूलें. आप जितने लंबे समय के लिए निवेश करेंगे, कंपाउंडिंग का फायदा उतना अधिक मिलेगा और आपकी वेल्थ ज्यादा तेजी से बढ़ेगी.
डायवर्सिफिकेशन भी जरूरी है. इसके लिए अपने निवेश को अलग-अलग एसेट क्लास और मार्केट सेगमेंट्स में बांटकर रखना बेहतर रहता है. म्यूचुअल फंड्स की फ्लेक्सी कैप, मल्टी कैप और मल्टी एसेट एलोकेशन फंड जैसी कैटेगरी इसमें काफी मददगार साबित हो सकती हैं. इसलिए इनके बारे में जानकारी हासिल करें.
निवेश करते समय मार्केट को टाइम करने यानी निवेश के सही समय को पकड़ने पर ज्यादा समय बर्बाद न करें. इसकी बजाय सही स्कीम में नियमित रूप से लंबे समय के लिए निवेश करते रहना बेहतर होता है.
(डिस्क्लेमर : इस आर्टिकल का उद्देश्य सिर्फ जानकारी देना है, किसी स्कीम में निवेश की सलाह देना नहीं. निवेश का कोई भी फैसला पूरी जानकारी हासिल करने के बाद और सेबी रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर की सलाह लेकर ही करें.)
