सुधारों को आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने मंगलवार को नागर विमानन, बैंकिंग, रक्षा, खुदरा व समाचार प्रसारण जैसे 15 क्षेत्रों में विदेशी निवेश नियमों में ढील दे दी। साथ ही प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) मंजूरी प्रक्रिया को और आसान बनाया है। डायरेक्ट टू होम (डीटीएच), केबल नेटवर्क और बागवानी फसल के मामले में 100 फीसद एफडीआइ की अनुमति दी गई है। वहीं टीवी चैनलों के समाचार एवं समसामयिक विषयों के अपलिंकिंग मामले में विदेशी निवेश सीमा को मौजूदा 26 फीसद से बढ़ा कर 49 फीसद कर दिया गया है।
सरकार ने एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में भी नियमों में ढील दी है। साथ ही शुल्क मुक्त दुकान व सीमित जवाबदेही भागीदारी (एलएलपी) में स्वत: मंजूरी के जरिये 100 फीसद एफडीआइ अनुमति दी गई है। साथ ही रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश के नियमों को सरल बनाया गया है। इसके अलावा विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआइपीबी) अब 5000 करोड़ रुपए के एफडीआइ प्रस्तावों की मंजूरी दे सकता है। अब तक यह सीमा 3000 करोड़ रुपए थी।
आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने मंगलवार को यहां बताया कि सरकार का एफडीआइ नीति को उदार बनाने का फैसला स्वागतयोग्य कदम है और कारोबार को सुगम बनाने का हिस्सा है। ये फैसले तत्काल प्रभाव से अमल में आ गए हैं। डीआइपीपी सचिव अमिताभ कांत ने कहा कि यह निवेशकों के लिए दिवाली का तोहफा है। यह सरकार का सुधारों की दिशा में जोरदार कदम है।
निर्माण विकास के क्षेत्र में न्यूनतम पूंजीकरण नियमों और ‘फ्लोर एरिया’ प्रतिबंध को हटा दिया गया है। सरकार ने क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के लिये बाहर निकलने के नियमों भी सरल बनाये हैं। इससे पहले सरकार ने निर्माण और रीयल एस्टेट क्षेत्र में विदेशी निवेश शर्त में ढील देते हुये 50 हजार वर्गमीटर से घटाकर इसे 20 हजार वर्गमीटर ‘फ्लोर एरिया’ किया था, लेकिन अब इस प्रतिबंध को हटा दिया गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा-‘पूरी हो चुकी टाउनशिप, मॉल, शापिंग काम्पलेक्स और व्यापार केंद्रों की परियोजनाओं के परिचालन व रखरखाव में स्वत: मंजूरी मार्ग से 100 फीसद एफडीआइ मंजूरी दी गई है।’
रक्षा क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से 49 फीसद विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है और इससे अधिक सीमा में निवेश की मंजूरी विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड के जरिये लेनी होगी। इससे पहले निवेशकों को 49 फीसद से अधिक विदेशी निवेश के लिए मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की मंजूरी लेनी होती थी।
बयान में स्पष्ट किया गया है कि पोर्टफोलियो निवेश और विदेशी उद्यम पूंजी निवेशक (एफवीसीआइ) को स्वत: मंजूरी मार्ग स्तर से 49 फीसद तक निवेश की अनुमति होगी। स्वीकार्य स्वत: मंजूरी मार्ग के भीतर ताजा विदेशी निवेश के मामले में जिससे मालिकाना स्वरूप में बदलाव हो या मौजूदा निवेशकों द्वारा नए विदेशी निवेशकों को हिस्सेदारी हस्तांतरित हो, सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी। एफएम रेडियो का क्षेत्रीय प्रसारण और टीवी चैनलों के समाचार एवं समसामयिक विषयों के अपलिंकिंग के मामले में स्वत: मंजूरी विदेशी निवेश सीमा 26 फीसद से बढ़ा कर 49 फीसद कर दी गई है।
समाचार और समसामयिक विषयों से इतर कार्यक्रमों के अपलिंकिंग मामले में अब स्वत: मंजूरी मार्ग से 100 फीसद एफडीआइ की मंजूरी दी गई है। इससे पहले इसके लिए सरकार से मंजूरी लेनी होती थी।
प्रसारण क्षेत्र में सौ फीसद:
प्रसारण क्षेत्र में डीटीएच, टेलीपोर्ट, मोबाइल टीवी और केबल नेटवर्क में 100 फीसद एफडीआइ की अनुमति होगी। इसमें से 49 फीसद की अनुमति स्वत: मंजूरी मार्ग से और इससे ऊपर के लिए एफआइपीबी की मंजूरी की जरूरत होगी।

