कोल ब्लॉक आवंटन के मामले को लेकर सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने सोमवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए झारखंड इस्ताप प्राइवेट लिमिटेड (JIPL) के दो निदेशकों आरएस रुंगटा और आर सी रुंगटा को दोषी ठहराया। स्पेशल कोर्ट में न्यायाधीश भरत पराशर ने पिछले साल के 21 मार्च को मामले में फैसला सुनाने के लिये इस साल की 28 मार्च तारीख तय की थी। क्योंकि 31 मार्च को दी गई सजा की तारीख से पहले इसपर बहस के लिए कहा गया था।
कोयला ब्लॉक आबंटन घोटाला मामले में यह पहला प्रकरण है, जिसमें कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है, विशेष अदालत कोयला घोटाला मामले से जुड़े सभी पहलुओं को देख रही है। कोर्ट ने दोनों निदेशकों को कोल ब्लॉक लेने के लिए गलत और फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत करने का दोषी ठहराया है।
दोनों पर आरोप है कि JIPL और तीन अन्य कंपनियों के मेसर्स इलेक्ट्रो स्टील कास्टिंग लिमिटेड, मेसर्स आधुनिक एलॉयज एंड पावर लिमिटेड और मेसर्स पवनजय स्टील तथा पावर लिमिटेड को संयुक्त रूप से धादू कोयला ब्लॉक आबंटित किए गए।
लेकिन आवंटन से पहले तो जांच समिति ने आवेदनकर्ता कंपनी के दावे का सत्यापन किया और न ही राज्यमंत्री (MOS) ने आकलन के लिये कोई तौर-तरीके अपनाए। अदालत ने इन पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा चलाया है। कोर्ट कोयला घोटाला मामले से जुड़े सभी पहलुओं को देख रही है।
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