देश में बिजली कटौती बड़ी समस्या है। खासतौर पर गांवों में लोगों को अघोषित कटौती का सामना करना पड़ता है। बिजली वितरण कंपनियां बिना बताए घंटों-घंटों की कटौती करती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार Electricity Amendment बिल लेकर आई है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार इस बिल को संसद के आगामी सत्र यानी मानसून सत्र में पेश कर सकती है। संसद का मानसून सत्र सोमवार 19 जुलाई से शुरू होने जा रहा है।

बिजली मंत्री आरके सिंह ने हाल ही में एक वर्चुअल समिट में कहा है कि नए इलेक्ट्रिसिटी बिल को लेकर एक कैबिनेट नोट जारी किया गया था। इस कैबिनेट को सभी संबंधित मंत्रालयों से हरी झंडी मिल गई है। हालांकि, कानून मंत्रालय ने एक-दो मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस बिल को मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। कैबिनेट से मंजूरी के बाद बिल को संसद के आगामी सत्र में पेश किया जा सकता है।

बिना बताए ज्यादा कटौती पर देना होगा हर्जाना : नए इलेक्ट्रिसिटी संशोधन बिल में ग्राहकों के हित में कई प्रावधान किए गए हैं। बिल के मुताबिक, वितरण कंपनियां ग्राहकों को बताए बिना बिजली की कटौती नहीं करेंगी। यदि कोई कंपनी तय समय से ज्यादा बिजली की कटौती करेगी तो उसे ग्राहकों को हर्जाना देना होगा। बिजली मंत्री का कहना है कि यह बिल बिजली वितरण क्षेत्र में एक बड़ा सुधार होगा। इससे उपभोक्ताओं को बड़ी ताकत मिलेगी।

टेलीकॉम कंपनियों की तरह चुन सकेंगे बिजली कंपनी : नए इलेक्ट्रिसिटी बिल में ग्राहकों को अपनी पसंद की बिजली कंपनी का चयन करने का विकल्प दिया जा रहा है। बिल के मुताबिक, एक क्षेत्र में कई कंपनियों को बिजली आपूर्ति की छूट दी जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को अपनी पसंद की बिजली कंपनी चुनने की आजादी मिलेगी। यह बिलकुल ऐसा होगा जैसे उपभोक्ता सेवाओं से नाखुश होकर टेलीकॉम कंपनी बदल लेते हैं। मौजूदा समय में बिजली वितरण क्षेत्र में कुछ सरकारी और निजी कंपनियों का ही दबदबा है।

नई कंपनियों के लिए रास्ते खुलेंगे : इस बिल में बिजली वितरण क्षेत्र को डी-लाइसेंस करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे नई कंपनियों के बिजली वितरण क्षेत्र में प्रवेश के रास्ते खुलेंगे। इस क्षेत्र में उतरने वाली नई कंपनियों को केंद्र सरकार की शर्तों का पालन करना होगा। ऐसी कंपनियों को संबंधित कमीशन के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यदि कंपनी योग्यता शर्तों पर खरी नहीं उतरेगी तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द भी किया जा सकेगा।